मिर्ज़ापुर : किसान यूनियन की बैठक धरना में हुई तब्दील

मांग पूरी न होने पर हाईवे जाम करने की चेतावनी
मीरजापुर।अहरौरा डोगियां बांध समिति और भारतीय किसान यूनियन मीरजापुर की अहरौरा डैम पर आयोजित संयुक्त बैठक उस समय धरना में तब्दील हो गई। जब किसान यूनियन की अहरौरा बांध के मेन कैनाल गेट का निर्माण कराये जाने की मांग नहीं पूरी की गई। जिससे 80से 90 क्यूसेक पानी बह रहा है और किसानों की बोई गई धान की फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो रही है। इतना ही नहीं गेहूं की बुवाई भी अधर में पड़ गई है। किसान पंचायत में सहायक अभियन्ता ऋतुराज पाण्डेय, जेई ओमप्रकाश राय आनन्द बिन्द, आनन्द मौर्य उपस्थित रहे। पंचायत में एसडीओ ने किसानों को बताया कि मेन कैनाल का गेट बनवाने मे साढ़े चार लाख रुपए लगे। जिसे जून माह में ही दुरुस्त करा दिया गया था किन्तु किसानों का कहना था कि मरम्मत के बाद भी पानी का रिसाव जारी है। किसानों की पकी फसल बर्बाद हो रही है। इसका जिम्मेदार कौन है।एसडीओ के लुन्ज -पुन्ज बयान से किसान आक्रोशित हो गये और कल की बैठक 72 घंटे के धरने में तब्दील हो गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि पानी का रिसाव बन्द नहीं हुआ तो हम 72 घंंटे बाद हाईवे को जाम करेंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों की होगी। किसानों बताया कि 10 व 11नवम्बर के हाईवे जाम के बाद 11नवम्बर को ही तहसील चुनार में किसानों की एक बड़ी पंचायत होगी। जिसमें आगे की रणनीत पर विचार विमर्श होगा।बैठक में किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, प्रदेश महासचिव प्रह्लाद सिंह, जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, मुकुटधारी सिंह, स्वामी दयाल सिंह, अनिल सिंह सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।




