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अयोध्या के शौर्य, वैभव व पराक्रम के आगे नहीं टिक पाया कोई दुश्मन : सीएम योगी

श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

पहले मिलती थीं लाठी और गोली, अब देश में हर जगह बोल सकते जयश्रीराम और राम-राम: गोरक्षपीठाधीश्वर

सीएम योगी ने अंग्रेजी नववर्ष 2026 की दी शुभकामना, सभी के लिए मंगलकारी हो यह वर्ष

अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाई गई। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल रहे। सीएम योगी ने अंग्रेजी नववर्ष 2026 की शुभकामना देते हुए प्रार्थना की कि यह वर्ष सभी के लिए मंगलकारी हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या ने स्वतंत्र भारत में रामजन्म भूमि आंदोलन के अनेक पड़ाव देखे हैं। अयोध्या के नाम से ही अहसास होता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ। कोई भी दुश्मन यहां के शौर्य, वैभव व पराक्रम के आगे टिक नहीं पाया, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ, मजहबी जुनून व सत्ता के तुष्टिकरण की निकृष्टता में पड़कर अयोध्या को भी उपद्रव और संघर्ष का अड्डा बना दिया था।
सीएम योगी ने पिछली सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिस अयोध्या में कभी संघर्ष नहीं होता था, उस अयोध्या में पिछली सरकारों के शासन में आतंकी हमले होते थे। अयोध्या को लहुलूहान करने का प्रयास हुआ था, लेकिन जहां प्रभु की कृपा बरसती हो और जहां हनुमानगढ़ी में स्वयं हनुमान जी महाराज विराजमान हैं, वहां कोई आतंकी कैसे घुस जाता। 2005 में जैसे ही आतंकियों ने दुस्साहस किया, तैसे ही पीएसी के जवानों ने ठक-ठक करके उन्हें मार गिराया।

कभी विस्मृत नहीं हो सकती तीन तिथियां
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 वर्ष के अंदर तीन महत्वपूर्ण घटनाओं को अयोध्या कभी विस्मृत नहीं कर सकती। स्वतंत्र भारत में पहली बार 5 अगस्त 2020 को किसी प्रधानमंत्री का अयोध्या में आगमन हुआ। उस दिन यहां श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन किया। 22 जनवरी 2024 (पौष शुक्ल द्वादशी) को फिर अयोध्या धाम आकर प्रधानमंत्री ने रामलला की भव्य मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संपन्न किया। 25 नवंबर 2025 को विवाह पंचमी पर प्रधानमंत्री जी ने अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर सनातन धर्म की भगवा ध्वजा को प्रतिष्ठित कर संदेश दिया  सनातन से ऊपर कोई नहीं। सनातन का पताका हमेशा ऐसी ही दिखाई देगी।

श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में राजनाथ सिंह जी की रही प्रत्यक्ष भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा  यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए और संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए राजनाथ सिंह की श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में प्रत्यक्ष भूमिका रही है। 500 वर्ष के बाद श्रीराम जन्मभूमि पर प्रभु रामलला के विराजमान होने और मंदिर के इस भव्य स्वरूप को देखकर वे आनंद-गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। आंदोलन में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करने वाले रक्षा मंत्री जी प्रतिष्ठा द्वादशी पर जब मां अन्नपूर्णा के मंदिर पर सनातन धर्म की ध्वजा का आरोहण कर रहे थे। मैंने उन्हें भावुक होते देखा है।

देश में अब हर जगह बोल सकते जयश्रीराम और राम-राम
गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में अब हर जगह जयश्रीराम और राम-राम बोल सकते हैं। अब भारत सरकार की योजना भी ‘जी राम जी’ के नाम पर आ गई है। यह रोजगार की सबसे बड़ी स्कीम बनने जा रही है। कोई भी बेरोजगार कहेगा कि मुझे अपनी ग्राम पंचायत में रोजगार चाहिए तो उसे साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी गांव में ही मिल जाएगी।

रामभक्तों ने नहीं की लाठी और गोली की परवाह
सीएम योगी ने कहा कि हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है। पांच सौ वर्ष के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1528 से लेकर 1992 और इसके उपरांत भी अयोध्या में हर 20-25 वर्ष में राम मंदिर को वापस लेने के लिए राम भक्त लगातार संघर्ष करता रहा। वह रूका, झुका और बैठा नहीं। उसने सत्ता, दमन, लाठी व गोली की परवाह नहीं की बल्कि वह लड़ता रहा। यह आंदोलन सफलता की नई ऊंचाइयों तक तब पहुंचा, जब आरएसएस ने नेतृत्व दिया। पूज्यों संतों को एक मंच पर लाने में अशोक सिंहल ने सफलता हासिल की। गुलामी का कलंक मिटा और भव्य राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ।

यह यात्रा का विराम नहीं, बल्कि नई यात्रा की शुरुआत
सीएम योगी ने कहा कि आज प्राण-प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समारोह आयोजित हुआ। अयोध्या की भव्यता, दिव्यता को अनंत काल तक बनाए रखने के लिए हर सनातन धर्मावलंबी को आगे बढ़ना होगा। यह यात्रा का विराम नहीं, बल्कि नई यात्रा की शुरुआत है। विरासत पर गौरव की अनुभूति करते हुए विकास के नित नए प्रतिमान को स्थापित करना है। पीएम मोदी ने हर भारतवासी को विकसित भारत की संकल्पना दी है। देश जब आजादी के 100 वर्ष पूरा करेगा तो हर भारतवासी का संकल्प होना चाहिए कि विरासत का संरक्षण करते हुए अपने क्षेत्र में उत्कृष्टतम कार्य करके दिखाना है। देश और सनातन धर्म की ध्वजा पताका को ऊपर उठाने के लिए हम सभी को मिलकर सामूहिक प्रयास को बढ़ाना पड़ेगा। य़ही प्रयास भारत को दुनिया की बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करेगा।

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