
सतीश पांडेय
मऊ। होमियोंपैथ की दवाओं में जादू हैं…… बस जरूरत हैं तो योग्य डॉक्टर की,जो रोगी क़े रोग क़े लक्षणों को पहचान कर उससे संबंधित दवा दें तो यक़ीनन मरीज को सही होने में देर नही लगती। इस विधा क़े माहिर हैं। मऊ नगर के बंधा रोड आज़मी गेट पठान टोला के *मरियम हॉमियों क्लिनिक एण्ड रिसर्च सेन्टर मऊ क़े वरिष्ठ होमियोंपैथ चिकित्सक डॉक्टर एम एस तनवीर ने जो कम समय में गंभीर से गंभीर मरीजों को जीवन दान दे कर चिकित्सा जगत में एक नई मुकाम को हासिल कर दिखाया हैं। दो दिन पूर्व घोसी क़े मदापुर शम्सपुर कस्बा निवासी कपिल देव उम्र 20 को हेपिटाइटिस बी पाजिटिव रोग क़े साथ साथ बाइलूरबीन {पीलिया} रोग से पीड़ित था। कपिलदेव घोसी क़े नाम चीन डॉक्टरों से ईलाज शुरु किया। कोई फायदा नहीं हो रहा था।रोग बढ़नें लगा तो स्थानीय डॉक्टरों ने हाथ खड़ा कर दिया। मामल बड़ा गंभीर था कपिल देव को किसी ने मऊ क़े होमियों पैथ चिकित्सक डॉक्टर एम एस तनवीर क़े बारे बताया कपिलदेव को विश्वास तों नहीं हो रहा था कि जहाँ बड़े बड़े टैबलेट व इंजेक्शन से कुछ नहीं हुआ तों मीठी गोली से क्या होगा? ज़ब कपिल देव नें डॉक्टर एम एस तनवीर से सम्पर्क किया तों उस समय उसके लिवर में काफ़ी संक्रमण क़े साथ साथ बाइलूरुबीन {पीलिया} 5 प्वाइंट था । मात्र तीन दिन क़े ईलाज क़े बाद मरीज क़े खून का जांच कराया गया तों उसका पीलिया 01 प्वाइंट पर आ गयी और उसके लिवर का संक्रमण भी काफ़ी कम हो गया। यह बात ज़ब कपिल देव नें घोसी कस्बा क़े डॉक्टरों को बताई तों उन्होंने अपने यहां पुनः उसका ब्लड जांच करा कर उसके दावों को परखना चाहा। उनके यहाँ लैब में ज़ब जांच की गईं तों दंग रह गए कि मात्र तीन दिन क़े ईलाज में इतना गंभीर रोग कैसे सही हो गया। कपिल देव घूम घूम कर डॉक्टर तनवीर का बखान करते नहीं थक रहा हैं।




