
तारा त्रिपाठी
अहरौरा (मीरजापुर)।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौरा में दवाओं के अभाव में बाहर की दवायें खरीदने की पर्ची लिखी जा रही है। सूगर जांच की किट भी दो माह से नदारद है। ऐसी दशा में मरीजों को प्राइवेट चिकित्सालय में सौ से डेड़ सौ रुपए में जांच के लिए मजबूर किया जा रहा है। बारह वर्षों से डटी नर्सें बहुत ही ढींठ हो गई हैं। उनका मरीजों के साथ व्यवहार भी ठीक नहीं है। वे प्रसव के लिए अपने चहेते प्राइवेट नर्सिंग होम में भेजतीं हैं। अस्पताल में दवाओं का अभाव दिखाकर बाहर के मेडिकल स्टोर से मंहगीं दवा मंगाई जाती है और मरीज के चले जाने पर फिर वही दवा पुन:उसी मेडिकल स्टोर पर भेज दिया जाता है जहां से खरीद कर मंगाया गया होता है। बताया जाता है कि इससे भारी कमाई की जाती है। अहरौरा के अस्पताल में ऐसे कृत्यों से मरीजों में भारी मायूसी है।




