निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियो ने बोला हल्ला
सरफराज अहमद
वाराणसी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर आज फिर बिजलीकर्मियो ने जमकर हल्ला बोला। इस दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुये आरके वाही ने कहा कि आज बनारस में ऊर्जा मंत्री उपस्थित है और तमाम समाचार पत्रों या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से पता चला होगा कि कल और आज दोनों दिन बनारस में निजी कम्पनियों के हीलाहवाली रवैये के चलते और सुरक्षा उपकरणों की समुचित व्यवस्था न होने के कारण विद्युत स्पर्शाघात से बिजलीकर्मी जख्मी हुये है इसके बाद भी उसको देखने या उसके परिवार को सांत्वना देने न तो ऊर्जा मंत्री पहुचे और न ही बिजली बोर्ड का कोई बड़ा अधिकारी पहुंचा। ये बिजलीकर्मियो के प्रति उदासीन व्यवहार प्रदर्शित करता है।
ई0 मायाशंकर तिवारी ने कहा कि ऊर्जा मंत्री केवल निजी कम्पनियों के हितों की रक्षा में ऊर्जा विभाग का निजीकरण करना चाहते है क्योंकि जिस प्रदेश में इतने बुद्धजीवी आई0ए0एस0 अधिकारी कार्यरत है जिनका डंका पूरे देश मे बजता है उनके रहते यदि किसी भी सेक्टर का सुधार नही किया जाता तो कैसे कोई निजी कम्पनी आके सुधार कर देगी।
ई0 नरेंद्र वर्मा ने कहा कि ये बात समझ से परे है कि एक लाख करोड़ के घाटे वाले सेक्टर को कोई निजी कम्पनी कैसे खरीदने को तैयार है क्योंकि सब जानते है कि कोई भी निजी कम्पनी केवल मुनाफे हेतु अपना व्यापार बढ़ाती और यहां कोई कम्पनी घाटे वाले सेक्टर को खरीदकर देश पर एहसान कर रही है।
ई0 प्रमोद कुमार ने बताया कि ये निजीकरण का फैसला केवल निजी कम्पनी को लाभ पहुचाने का षड्यंत्र है इनको किसी भी घाटे और मुनाफे से कोई मतलब नही है इन्होंने यह भी कहा कि बिजली कर्मियों की हड़ताल की कोई नोटिस न होते हुए भी पावर कार्पोरेशन प्रबंधन हड़ताल थोपना चाहता है और अनावश्यक तौर पर ऊर्जा निगमों का कार्य का वातावरण बिगाड़ रहा है।
सभा को सम्बोधित करते हुये रंजीत पटेल ने कहा कि निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान लगातार बिजली कर्मियों को निर्देश दिया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को कोई तकलीफ न होने पाए। संघर्ष समिति ने कहा कि अनावश्यक तौर पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन कार्य का वातावरण बिगाड़ रहा है और बड़े पैमाने पर हड़ताल के नाम पर बिजली कर्मचारियों को उत्पीड़नात्मक नोटिस दी जा रही है जबकि हड़ताल की कोई नोटिस ही नहीं है।
सभा को सम्बोधित करते हुये संतोष वर्मा ने बताया कि निजीकरण के विरोध में चल रहे बिजली कर्मियों के शांतिपूर्ण ध्यान आकर्षण आंदोलन के दौरान आम उपभोक्ताओं को कोई तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। अस्पताल, रेलवे, पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं होने दिया जाएगा और आम जनता को होने वाले बिजली व्यवधान को अटेंड किया जाएगा। इसी दृष्टि से आज संघर्ष समिति ने एनसीआर में आए भीषण आंधी तूफान से बिजली व्यवस्था में व्यवधान के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों को निर्देश दिया और वे लगातार काम कर के पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे हैं जिससे आम उपभोक्ताओं और किसानों को कोई तकलीफ न होने पाए।
सभा की अध्यक्षता ई0 मदन श्रीवास्तव ने एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया। सभा को ई0 एसके सिंह, ई. रवि चौरसिया, ई. नवदीप सिंह, वेदप्रकाश राय, मोनिका केशरी, धर्मेन्द्र यादव, नवीन कुमार, रविन्द्र यादव, राहुल श्रीवास्तव, उमेश यादव, अभिषेक सिंह, रामजी भारद्वाज, अनिल यादव आदि ने संबोधित किया।





