BHU:कुलपति प्रो.अजित कुमार ने विद्यार्थियों से किया पहला संवाद

स्वतंत्रता भवन में पीएचडी. शोधार्थियों से हुए रूबरू
सुशील कुमार मिश्र/वाराणसी।कुलपति प्रो.अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा है कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को अकादमिक और व्यावसायिक उत्कृष्टता की दिशा में सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।शनिवार को स्वतंत्रता भवन में विश्वविद्यालय के पीएच.डी. शोधार्थियों के साथ संवाद करते हुए कुलपति जी ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विश्वविद्यालय खुले मन और सहयोगात्मक दृष्टिकोण से विचार करेगा।लगभग एक घंटे चले इस संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न संकायों के शोधार्थी उपस्थित रहे। कुलपति ने न केवल विश्वविद्यालय को आगे ले जाने की दिशा में अपने विचार साझा किए बल्कि यह भी रेखांकित किया कि इस लक्ष्य को पाने में बीएचयू के हर सदस्य का योगदान आवश्यक है।प्रो.चतुर्वेदी ने कहा कि बीएचयू की शोध गुणवत्ता न केवल विश्वविद्यालय की छवि और ख्याति को ऊँचाई प्रदान करेगी बल्कि समाज में परिवर्तनकारी बदलाव लाने में भी सीधा योगदान देगी।यह लक्ष्य तभी हासिल हो सकता है। जब शोधार्थी गुणवत्तापूर्ण कार्य और शोध करेंगे।बताया कि कैंपस के वातावरण को सहज और सुगम बनाने के लिए विश्वविद्यालय कदम उठा रहा है, ताकि विद्यार्थी अपने शैक्षणिक और शोध कार्यों पर एकाग्र हो सकें।विश्वविद्यालय विभिन्न सहायता सेवाओं जैसे कौशल विकास प्रकोष्ठ, कल्याण सेवाएँ प्रकोष्ठ और नागरिकता एवं सशक्तिकरण प्रकोष्ठ के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अपनी व्यवस्थाओं को और मजबूत कर रहा है। कुलपति ने सुझाव दिया कि प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ का नाम बदलकर इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ रखा जाएगा ताकि विद्यार्थियों को व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने पर अधिक केंद्रित प्रयास किए जा सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की उस योजना के बारे में भी जानकारी दी जिसके अंतर्गत अध्यापन और पाठ्यक्रम का मूल्यांकन करने के लिए विद्यार्थी प्रतिक्रिया तंत्र शुरू किया जाएगा। कुलपति ने निरंतर संवाद की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यह संवाद सही मंच और सही लोगों के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों को एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए और वह लक्ष्य बीएचयू होना चाहिए।कुलगुरु प्रो. संजय कुमार ने विश्वविद्यालय के शोध कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बीते कुछ वर्षों के शोध कार्यों ने विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बढ़ाया है।इस संवाद कार्यक्रम का आयोजन छात्र अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा किया गया था। छात्र अधिष्ठाता प्रो. अनुपम कुमार नेमा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर संकायों के डीन, संस्थानों के निदेशक, छात्र सलाहकार और विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।




