
सतीश कुमार पांडेय
मऊ। दस जनवरी को जिला कांग्रेस कार्यालय बुनकर कॉलोनी में मनरेगा बचाओ संग्राम के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री राज मंगल यादव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा को कमजोर कर उसे समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के स्थान पर लाई जा रही नई “जी राम जी योजना” मजदूरों और गरीबों के काम के अधिकार को छीनने वाली है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा कानून के तहत 100 दिन के रोजगार की गारंटी देता है, जिसमें केंद्र और राज्य का अंशदान क्रमशः 90 प्रतिशत और 10 प्रतिशत था। जबकि नई योजना में इसे बदलकर 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश की अधिकांश राज्य सरकारें कर्ज में डूबी हुई हैं और 40 प्रतिशत अंशदान देने की स्थिति में नहीं हैं। इससे मजदूरों को रोजगार मिलना मुश्किल हो जाएगा और सारा बोझ राज्य सरकारों व ग्राम पंचायतों पर डाल दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि मनरेगा में काम मांगने पर 15 दिन के भीतर रोजगार देने और 100 दिन का काम न मिलने पर मुआवजे का कानूनी प्रावधान था, जबकि नई योजना सिर्फ एक मिशन है, कानून नहीं। भाजपा सरकार 125 दिन काम देने का वादा तो कर रही है, लेकिन संसाधन और अंशदान की व्यवस्था नहीं है, जिससे मजदूरों का काम का अधिकार समाप्त हो जाएगा। पत्रकार वार्ता में जिला प्रवक्ता उदय प्रताप राय एडवोकेट ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में वर्तमान सरकार ने मनरेगा के तहत औसतन केवल 52 प्रतिशत मानव दिवस ही सृजित किए हैं।
जबकि 100 दिन का रोजगार सृजन होना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को गुमराह कर रही है और पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर उन्हें अपनी योजना बताकर पेश कर रही है। विकास के नाम पर केवल नाम परिवर्तन किया जा रहा है, नई योजनाएं लागू नहीं की जा रहीं। मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर श्री रत्नेश राय और वरिष्ठ अधिवक्ता उपमन्यु राय ने भी पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव हफीजुर्रहमान, मनोज गिहार, सुहेल एडवोकेट, फहद कादिर, अमरनाथ योगी, सचिदानंद राय, मंशा राजभर सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।




