
गांधी-विरोधी और मजदूर विरोधी का आरोप
प्रमोद सिंन्हा
गाजीपुर।भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने उसके नाम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने की साजिश के खिलाफ जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान मे को सरजू पांडे पार्क से जुलूस के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर जोरदार एवं उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार का यह कदम कोई सामान्य विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और वंचितों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। मनरेगा जैसे ऐतिहासिक अधिकार आधारित कानून को कमजोर करना दरअसल गरीबों से काम का अधिकार छीनकर उन्हें केंद्र सरकार की दया और कृपा पर निर्भर बनाने की साजिश है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने की कोशिश भाजपा-आरएसएस की गांधी विरोधी, श्रम विरोधी और जनविरोधी मानसिकता को उजागर करती है। यह प्रयास राष्ट्रपिता के विचारों, मूल्यों और सामाजिक न्याय की अवधारणा को मिटाने का एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र है। पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे ने कहा “मनरेगा ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार दिया है। भाजपा सरकार इसे बोझ मानती है। एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा कि “मनरेगा को कमजोर करना संविधान की आत्मा पर हमला है। भाजपा सरकार सामाजिक न्याय, समानता और गरीब कल्याण की अवधारणा को खत्म करना चाहती है। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गई तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव, सड़क-सड़क व्यापक जन आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी




