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उत्तर प्रदेशएजुकेशनवाराणसी

शिक्षक दिवस: संकाय सदस्यों को सम्मानित करने के लिए बीएचयू की नई पहल

– सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान के साथ मनाया गया शिक्षक दिवस
– कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने शिक्षण के नए तरीके और अधिक प्रभावी शिक्षक-विद्यार्थी संवाद अपनाने पर दिया ज़ोर
  
सुशील कुमार मिश्र/वाराणसी।काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर गहन कृतज्ञता और सम्मान के साथ अपने सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया। विश्वविद्यालय का डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से एक विशेष संबंध है, क्योंकि उन्होंने बीएचयू के चौथे कुलपति के रूप में आठ वर्षों से अधिक समय तक सेवा दी थी। पूर्व राष्ट्रपति की जयंती को पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर 2024-25 शैक्षणिक सत्र के दौरान सेवानिवृत्त हुए कुल 41 शिक्षकों में से समारोह में उपस्थित 27 को के. एन. उडुप्पा सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि बीएचयू को महामना पं. मदन मोहन मालवीय और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसी महान विभूतियों का नेतृत्व व मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।
उत्कृष्ट शिक्षकों के सम्मान के लिए नई पहल: उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने के महत्व को रेखांकित करते हुए, कुलपति  ने इस दिशा में एक नई पहल की घोषणा की।  कुलपति ने कहा कि इस नई पहल के अंतर्गत वार्षिक पुरस्कारों के लिए चयनित शिक्षकों को 2026 के शिक्षक दिवस समारोह से प्रत्येक वर्ष सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कारों के लिए सभी शिक्षकों चाहे वे सहायक आचार्य हों, सह-आचार्य हों, आचार्य हों या वरिष्ठ आचार्य पर विचार किया जाएगा। प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि यह प्रक्रिया न केवल अच्छे शिक्षकों को पहचान दिलाएगी बल्कि जहां आवश्यकता होगी, वहां शिक्षण विधियों में सुधार का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।कुलपति ने शिक्षण में नवाचार और तकनीक के अधिक उपयोग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि दुनिया भर से लोग बीएचयू से ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं इसके लिए शिक्षकों को चाहिए कि वे विश्वविद्यालय की पहुँच को और अधिक बढ़ाने के लिए नए तरीके खोजें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कक्षा को विद्यार्थियों से संवाद और उन्हें ज्ञान प्रदान करने के एक नए अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। कुलपति जी ने यह भी कहा कि आज के तकनीकी युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि अपनी क्षमताओं को निखारने के एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।कुलपति ने एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 में बीएचयू की ओवरऑल, चिकित्सा और दंत चिकित्सा श्रेणियों में रैंकिंग में सुधार के लिए तथा कृषि व संबंधित क्षेत्रों की श्रेणी में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय समुदाय को बधाई दी।

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