मिर्जापुर: इंटरनेट युग में नाट्य कला के इतिहास को संजोकर रखना चुनौती: दीपक त्रिपाठी

मीरजापुर।सीखड़ विकास खंड कै आदर्श ग्राम सभा खानपुर में हजारों नागरिक श्रीशंकर नाट्य समिति के तत्वावधान में सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परम्परा का ना सिर्फ गवाह बने, बल्कि सोशल मीडिया और ढेरों मनोरंजन के संसाधन विकसित होने के बावजूद अपनी अटूट आस्था और परम्परा के इतिहास को जीवंत बनाये रखने के लिए लगातार तीन दिनों तक अपना अनमोल समय भी प्रदान किया।बताते चले कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी तीन दिनों तक नाटक का संचालन हुआ। जो मंगलवार की देर रात चला और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस मौके पर जहाँ बतौर मुख्य अतिथि के रूप में विंध्य इंडियन प्रेस सोशल क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं युवा समाजसेवी व उद्यमी राजेश भाई पटेल मौजूद रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में विंध्य इंडियन प्रेस सोशल क्लब के राष्ट्रीय सचिव एवं युवा व व्यवसायी दीपक त्रिपाठी, स्थानीय जिला पंचायत सदस्य संजय पटेल एवं नवचेतना एफपीओ के एमडी मुकेश पाण्डेय जी की गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई।दीपावली से एक दिन पूर्व शुरु हुए इस नाट्य कला की शुरुआत इस बार नटराज नामक धार्मिक नाटक से हुई। जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपने प्रतिभा का परिचय दिया।दीपावली के दिन एक बंजारा गाये नाट्क का मंचन किया। जिसमें मंजे हुए कलाकारों ने अपने रोल के साथ भरपूर न्याय करने की कोशिश की। तीसरे दिन हुए भोजपुरी ड्रामा भाग्य ना बाचे कोय में किशोर, नौजवान और अनुभवी कलाकारों ने अपने दमदार प्रदर्शन से उपस्थित हजारों लोगों का ना सिर्फ दिल जीत लिया। अपने भीतर छुपी प्रतिभा का लोहा भी मनवाया।इससे पहले तीसरे दिन के नाटक की शुरुआत श्री शंकर नाट्य समिति के मंच पर आयोजकों द्वारा मुख्य अतिथि राजेश भाई पटेल एवं विशिष्ट अतिथि दीपक त्रिपाठी का मंच पर बड़े ही गर्मजोशी के साथ माल्यार्पण कर स्वागत और अभिनंदन अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि श्री पटेल ने उपस्थित जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने श्री शंकर नाट्य समिति खानपुर का तहे दिल से आभार जताया। अपनी ओर से 10100/- (दस हजार एक सौ) रूपये की सहयोग राशि कमेटी को प्रदान किया।वही विशिष्ट अतिथि दीपक त्रिपाठी ने उपस्थित लोगों को सबसे पहले दीपावली, गोवर्धन पूजा,डाला छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के युग नाट्य कला के इस प्राचीन इतिहास को संजोकर रखना ही आज के दौर में सबसे बड़ी चुनौती हैं। जिसे आप सभी ने श्रद्धा के साथ संभालकर रखा हुआ हैं, यह एक सुखद अनुभूति आप सभी ने कार्यक्रम के माध्यम से कराया है, इस ना भूलने वाले क्षण को प्रदान करने के लिए आप सभी का हृदय की आंतरिक गहराइयों से धन्यवाद व आभार। आयोजकों द्वारा भी मुक्त कंठ से अतिथियों के प्रति आभार जताया गया। साथ ही साथ आयोजकों द्वारा मिर्जापुर से आए हुए पत्रकार रविंद्र जायसवाल एवं बसंत गुप्ता का भी अनमोल समय प्रदान करने के लिए आभार ज्ञापित किया गया।इस मौके पर मुख्य रूप से भूपेंद्र नारायण द्विवेदी,धर्मेन्द्र दूबे,ओमप्रकाश सिंह, रमाकांत उपाध्याय, धरणीधर सिंह, श्री प्रकाश राहुल, प्रभात दुबे, रूद्र दुबे,जनार्दन उपाध्याय,केपी दुबे आजाद, अशोक सिंह,अभय कुमार द्विवेदी,बच्चा लाल गौड़,सुशील त्रिपाठी,ओमप्रकाश सिंह,पंकज सिंह,चंद्रमा दुबे,चंदू गुप्ता,हिमांशु द्विवेदी जितेंद्र उपाध्याय,सुनील सिंह,सुधांशु सिंह,जयप्रकाश,नवीन दुबे,शैलेंद्र दुबे,सर्वेंद्र दुबे,मनीष त्रिपाठी,रिंकू बाबा आदि उपस्थित रहे।




