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धर्मप्रयागराज

प्रतापगढ़: धर्म को आत्मसात करने पर जीवन को मिलता है सुफल: गोविंद जी

प्रतापगढ़। नगर के घुइसरनाथ रोड छोटी नहर पर तीन दिवसीय बारहवें धार्मिक प्रवचन का शुक्रवार को भजन संकीर्तन की मनमोहक प्रस्तुतियों के बीच शुभारंभ हुआ। शिक्षाविद स्व0 पं0 रामनरेश मिश्र स्मृति धार्मिक आयोजन में आजमगढ़ से पधारे कथाव्यास रामाश्रय रामायणी गोविंद जी ने कहा कि भगवान की कृपा धर्म को जीवन में आत्मसात करने वाले भक्त को सदैव सुफल मिला है। उन्होनें कहा कि कथा को भाव से सुनने पर जीवन कभी भी कष्टमय नहीं हुआ करता। उन्होंने बताया कि धर्म का तात्पर्य परोपकार के साथ पवित्र मार्ग पर जीवन को लक्षित करना है। कथा में व्यासपीठ से पीताम्बरा दतिया पीठ से पधारी राधिका चतुर्वेदी जी ने कहा कि भगवती सीता, मां पार्वती, मां महालक्ष्मी सभी ने हमें जीवन को कठिन से कठिन परिस्थितियों में सुचरित्रता के मार्ग पर अडिग रहने की शाश्वत प्रेरणा दी है।

इसके पहले कथा का शुभारंभ चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी व भागवतभूषण पं. विनय शुक्ल जी के द्वारा स्वर्गीय पं. रामनरेश मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण व व्यासपीठ के पूजन अर्चन के साथ हुआ। संचालन युवा समाजसेवी राजकुमार मिश्र ने किया। संरक्षक आचार्य पं. रामअवधेश मिश्र, अधिवक्ता राजेश मिश्र, सुनील मिश्र, रमेशचंद्र मिश्र, पवन मिश्र प्रखर, पं0 ब्रजघोष ओझा ने कथा में पधारे संत-महात्माओं का तिलक अभिषेक किया। इस मौके पर सभासद अनुराग पाण्डेय, अनूप मिश्र, प्रमोद शुक्ला, हर्षित मिश्र, आचार्य राजेश मिश्र, श्रीनारायण तिवारी, धीरज शुक्ल, आचार्य त्रिवेणीधर शुक्ल, डॉ. राजेन्द्र मिश्र, इं. रमेश शुक्ला, दिनेश सिंह, सोनू मिश्र आदि रहे।

(रिपोर्ट – रविंद्र जायसवाल)

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