मिर्जापुर: मां की ममता हुई शर्मसार

तारा त्रिपाठी (मीरजापुर)।मां की ममता उस समय शर्मसार हो गई जब जन्म देने के बाद किसी ने अपने नवजात शिशु को शाल में लपेट कर दउरे में रखकर गरई नदी में बहा दिया। जब दउरे में रखा नवजात शिशु गरई नदी के पानी में बहते हुए हसौली और कर्जी गांव के बीच किनारे पर आया तो शाम के वक्त अपने रिस्तेदारी से वापस आ रही नीलम भारती की नजर उस नवजात पर पड़ी तो उसमें दया का भाव उमड़ पड़ा और नीलम तुरन्त नवजात को नदी से बाहर निकल अपने घर ले आई। घर आने के बाद नीलम ने घटना की जानकारी अपने पति को दी। पति की इजाजत मिलने के बाद दोनों पति-पत्नी ने उस नवजात के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अपने कन्धे पर उठाने पर सहमत हो गये। ज्ञातव्य हो कि नीलम को अपना खुद के तीन बच्चे हैं और वह रोज कमाने खाने वाले लोग हैं। इस चौथा मिले नवजात का पालन-पोषण करना नीलम और उसके पति के लिए कठिन है फिर भी वास्तविक मां के ठुकराये जाने के बाद असली मां की भूमिका निभाने के लिए नीलम भारती का आगे आना एक मिसाल है। नीलम ने नवजात बच्ची को तुरन्त दूध पिलाई और उसे नया जीवन देने के लिए दरिया दिल दिखाई। इस कार्य का गांव में नीलम भारती की सराहना की जा रही है।




