मिर्जापुर: गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंची, प्रशासन सतर्क

तारा त्रिपाठी
मिर्जापुर। मीरजापुर में संभावित बाढ़ का परिदृश्य के बारे में जिला प्रशासन द्वारा पत्रकारो को दी गई जानकारी के मुताबिक बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति इस तरह है। जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय के हवाले से प्राप्त विवरण के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों का ब्यौरा इस प्रकार है। गंगा नदी का चेतावनी जलस्तर- 76.724 मीटर
गंगा नदी का खतरे का जलस्तर-77.724 मीटर
आवागमन प्रभावित ग्रामों में संबंधित ग्राम के मार्गों पर नाव तथा मोटर बोट के तैनाती कि व्यवस्था कि गयी है। वर्तमान में 30 ग्रामों में 35 नाव संचालित है। बाढ़ के दौरान विभिन्न ग्रामों के प्रभावित मकानों कि आबादी को विस्थापित करने हेतु जनपद स्तर पर कुल 50 अस्थायी राहत शिविर को चिन्हित किया गया है।अस्थायी राहत कैम्प में महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलगअलग राहत शिविर, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग अलग शौचालय, सामुदायिक किचन की स्थापना, विद्युत आपूर्ति तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गयी है।जो कि बाढ़ के दौरान आबादी प्रभावित होने कि दशा में क्रियाशील कर दिये जायेंगे। बाढ़ के दौरान प्रभावित ग्रामों कि आबादी कि समस्याओं के तात्कालिक निस्तारण हेतु जनपद स्तर पर कुल 37 बाढ़ चौकियों कि स्थापना कि गयी, जहां पर राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, ग्राम विकास विभाग एवं पुलिस विभाग के कार्मिक कि ड्यूटी लगायी गयी है। एक बाढ़ चौकी से औसतन 10-12 ग्राम सम्बध्द रहते हैं अत्याधिक बाढ़ प्रभावित ग्रामों में जहां बाढ़ के कारण परिवारों कि आजीविका प्रभावित होने कि स्थिति उत्पन्न होगी, वहां उन परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने हेतु बाढ़ राहत एवं खाद्यान्न किट के वितरण कि व्यवस्था हेतु संबंधित फर्म का जनपद स्तर पर शासनादेश के अनुसार चयन कर लिया गया है। जनपद स्तर पर बाढ़ के दौरान खोज एवं बचाव कार्य हेतु SDRF कि टीम तैनात कि जा चुकी है। बाढ़ के दौरान बाढ़ राहत शिविर में एवं प्रभावित ग्रामों में लंच पैकेट के वितरण हेतु संबंधित फर्म का चयन शासनादेश के अनुसार चयन लिया गया है।




