वाराणसी: लड़ाई तो लड़ाई होती है,इसमें अहिंसक और हिंसक क्या: डॉ० तपन घोष

By editor sushil Kumar Mishra
वाराणसी। द्वितीय विश्व युद्ध के समय मित्र राष्ट्रों को चुनौती देकर भारत के शौर्य का परिचय देने वाले महानायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को आजाद हिन्द सरकार का गठन किया था। इस सरकार का काम देश को अंग्रेजों कि गुलामी से मुक्त कराना और भारतीयों की हुकूमत कायम करना था। आजाद हिन्द सरकार के स्थापना दिवस के अवसर पर विशाल भारत संस्थान द्वारा लमही स्थित सुभाष भवन में आजादी के पहले एवं बाद में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के विचारों का प्रभाव : आजाद हिन्द फौज के विशेष संदर्भ में विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रज्ञा प्रवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामाशीष एवं मुख्य अतिथि राम मनोहर लोहिया चिकित्सा विज्ञान संस्थान के अपर निदेशक सुभाष चन्द्र सिंह ने विश्व के पहले सुभाष मन्दिर में पुष्प चढ़ाया और आरती कर महानायक के प्रति अपना समर्पण व्यक्त किया। दीपोज्वलन कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। बाल आजाद हिन्द बटालियन की सेनापति दक्षिता भारतवं*लड़ाई तो लड़ाई होती है,




