प्रमोद निगम हत्याकांड: 8 वर्ष बाद दो को सश्रम आजीवन कारावास

— 12 गवाह पर हुए पेश,नंदलाल पर 60 हजार और शेषनाग पर ₹50000 का जुर्माना
— प्रमोद ने मारे थे पांच थप्पड़, आहत था
सुशील कुमार मिश्र/वाराणसी
अपर सत्र न्यायाधीश पंचम यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने मंगलवार को राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी संगठन के संस्थापक प्रमोद निगम की हत्या के दो दोषियों शेषनाग शर्मा और नंदलाल राय उर्फ बबलू राय को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।8 साल पहले इंग्लिश या लाइन तिराहे से मलदहिया मार्ग पर पेशाब करने से मना करने पर बबलू राय ने व्यवसाय प्रमोद निगम की गोली मारकर हत्या कर दी थी बबलू राय की पहचान माफिया मुख्तार अंसारी के गिरोह के शूटर के रूप में रही है।अदालत ने नंदलाल पर 60000 और शेषनाथ पर ₹50000 का जुर्माना लगाया है। अदालत ने जुर्माने की धनराशि में से 50% प्रमोद निगम के पुत्र अभिषेक निगम को देने का आदेश दिया है।

प्रमोद की हत्या 8 साल पहले हुई थी। नंदलाल राय उर्फ बबलू राय गाज़ीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाने के जोगा मुसाहिब गांव का मूल निवासी है।नगर निगम ने प्रमोद निगम को स्वच्छता दूत नामित किया था। वह जवाहर मार्केट में अपना ठेला लगाते थे। 17 जनवरी 2017 को शाम बियर पीने के बाद नंदलाल जवाहर मार्केट में लघुशंका कर रहा था तभी दुकानदारों ने मना किया तो उसने गाली गलौज दी, मामला बढ़ा तो प्रमोद निगम ने नंदलाल को चार-पांच थप्पड़ जड़ दिए। पुलिस की पूछताछ में नंदलाल ने बताया कि थप्पड़ से वह आहत हो गया था। तय किया था कि प्रमोद को सबक सिखाएग।वह जवाहर मार्केट से राजेंद्र विहार कॉलोनी स्थित अपने घर गया और वहां से पिस्तौल लेकर शेषनाथ के पास पहुंचा। शेषनाग को पूरी बात बताकर अपने साथ लिया शाम 7:00 बजे के करीब वह इंग्लिश या लाइन तिराहा से मलदहिया मार्ग की ओर जा रहा जा रहे प्रमोद निगम के पीछे बाइक से चल पड़ा। कुछ दूर चलते ही उसने प्रमोद निगम को दो गोली मारी और मलदहिया की ओर भाग गया था।
न्यायपालिका पर अभिषेक निगम को भरोसा
राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसाय संगठन के सचिव अभिषेक निगम ने कहा कि इस फैसले से वह आम आदमी का भरोसा न्यायपालिका के प्रति और ज्यादा अटूट होगा कहा कि वह न्यायपालिका के साथ ही मोदी योगी सरकार के आभारी हैं।




