वाराणसी:भारत के समर्थ का ध्वज आज विश्व पटल पर पहरा रहा:डॉ मयंक

सिंदूर ऑपरेशन मेड इन इंडिया और स्किल इंडिया की सफलता का आधार बताया: संयुक्त कुल सचिव
सुशील कुमार मिश्र/वाराणसी
भारत के सामर्थ्य का ध्वज आज विश्व पटल पर फहर रहा है।आज पूरी दुनिया भारत की अदम्य जीवटता और शौर्य की गाथा कर रहा है। हम एक देश के रूप में अपनी वीरता का न सिर्फ बखान कर रहे हैं बल्कि भारतीय सेना और नेतृत्व की परिपक्वता ने हमें वैश्विक शिखर पर लाकर खड़ा किया है। यह किसी भी देश के नागरिक के लिए सर्वोत्तम सुखद क्षण है।ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य अभियान मात्र नहीं बल्कि वैश्विक क्षितिज पर राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की मजबूत आधारशिला का प्रतिबिम्ब है। ये बातें वेलविंग सर्विस सेल द्वारा के. एन. उडुप्पा सभागार में आयोजित इंडिया चेंजेज द गेम ऑफ इंगेजमेंट विषयक व्याख्यान के दौरान मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संयुक्त कुलसचिव डा मयंक नारायण सिंह ने कही। डॉ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत की महत्ता का जिक्र करते हुए ऑपरेशन सिंदुर अभियान को मेड इन इंडिया और स्किल इंडिया की सफलता का आधार बताया। उन्होंने पाकिस्तान की स्थापना से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक की पूरी यात्रा का ऐतिहासिक एवं समसामयिक वर्णन करते हुए पाकिस्तान की धूर्तता एवं धृष्टता का न केवल मुक्कमल विवरण प्रस्तुत किया बल्कि कारगिल, बांग्लादेश समेत अन्य लड़ाइयों में भारतीय सेना की जीवटता एवं कूटनीतिक पराक्रम के बलबूते भारत की विजय का शौर्यगान किया।
डॉ सिंह ने अपने उद्बोधन के दौरान पूरी दुनिया में पनप रहे आतंकवाद की नर्सरी एवं उसके आकाओं की संस्थागत विस्तार की ओर सबका ध्यान आकृष्ट करते हुए मजहब के परे आतंक की बुनियादी बिंदुओं से रूबरू कराया। पूरी दुनिया में ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के आकाओं और उसके पोषको को एक बार फिर से अपने वजूद और घृणित कृत्यों के प्रति न सिर्फ सोचने को मजबूर किया है बल्कि आतंक के असीमित विस्तार को जड़ से कुचल देने की मुहिम छेड़ दी है। आज पूरा विश्व भारत के साथ इस मुहिम में खड़ा है। डॉ सिंह ने कहा कि जिस तरह पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक जुट खड़ा था ऐसा उदाहरण दुनिया के बामुश्किल देशों में ही देखने को मिला है। ऑपरेशन सिंदूर भारत की लोकतांत्रिक समृद्धि का प्रतीक है। यह भारत की वीरता, पराक्रम एवं वैभव का विजयगान है। कार्यक्रम का संयोजन एवं स्वागत उद्बोधन छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनुपम कुमार नेमा ने किया। इस मौके पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित विश्वनाथ मंदिर में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों समेत सैकड़ों छात्रों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर दीप प्रज्वलित किया। मंदिर के व्यवस्थापक प्रो. विनय कुमार पांडे, डॉ. सुभाष पांडे एवं छात्र अधिष्ठाता के नेतृत्व में आज की संध्या आरती भी सेना के अप्रतिम शौर्य को समर्पित रही। इस मौके पर प्रो. निसत अफरोज, डॉ. स्वप्ना मीणा समेत विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।




