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गाजीपुरधर्म

गाजीपुर : संत और सत्संग के सानिध्य से होता है सद्विचारों का सृजन

डॉ एके राय,गाजीपुर। सिद्धपीठ हथियाराम मठ के 26वें महंत और जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी श्री भवानीनंदन यति जी महाराज की रामहित यात्रा जखनियां तहसील क्षेत्र के मंझनपुर में शनिवार को समाप्त हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कानपुर प्रांत प्रचारक श्रीराम सिंह और उनके शिष्यों के नेतृत्व में ग्रामवासियों द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रीनाथ मठ रसड़ा बलिया के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री कौशलेंद्र गिरी महाराज भी मंचासीन रहे। उल्लेखनीय है कि स्वामी भवानी नन्दन यति महाराज की रामहित यात्रा गत नवंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू हुई थी, जो चार माह तक चली। इस दौरान पीठाधीश्वर ने आजमगढ़, बलिया, चंदौली और गाजीपुर जिलों के विभिन्न गांवों में रुककर धर्मोपदेश कर सनातनी परम्परागत तरीके से जीवन यापन का संदेश दिया। वहीं उन्होंने पूजन-प्रवचन और गुरु दीक्षा के माध्यम से श्रद्धालुओं और भक्त जनों को धर्म कर्म की दीक्षा दी। अपने दैनिक हरिहरात्मक पूजन के बाद महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति ने प्रवचन में कहा कि आज के व्यस्त जीवन में भी भगवान की पूजा-आराधना के लिए समय निकालना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मानव जीवन की सार्थकता के लिए भगवत भजन को उत्तम कार्य बताया। उन्होंने कहा कि संत और सत्संग के सानिध्य में रहने से अच्छे विचारों का सृजन होता है। मनुष्य के भीतर प्रेम, भक्ति, श्रद्धा और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना होना आवश्यक है। कार्यक्रम में मंझनपुर निवासी रणजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, रिपुंजय सिंह, रविंद्र सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अंजनी सिंह, रामपूजन सिंह, संजय सिंह, मुकेश गिरी, अक्षय यादव, पारस नाथ गिरी, पारस नाथ शर्मा, शेखर राम, सुरेश राम, रजनीश यादव, फेरू राम, मुन्ना पांडेय सहित काफी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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