गाजीपुर : पत्नी पुत्र के हत्या में पति को दस व सास ससुर को सात वर्ष का कारावास
डाक्टर के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश

चंद्र मोहन तिवारी/गाजीपुर। दहेज हत्या के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने शुक्रवार को पति व सास सुसर को कारावास की सजा सुनायी। कोर्ट ने मृतका के पति को 10 वर्ष तथा सास और ससुर को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा मुकरर्र की है साथ ही साथ तीनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वाकया थाना कोतवाली क्षेत्र के कपुरपुर देहाती निवासी विक्की कुमार ने थाना मोहम्मदाबाद में अपने बहन के हत्या करने की तहरीर दी थी। तहरीर में बताया कि उनकी बहन अनिता कुमारी की शादी वर्ष 2017 में मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के आदिलाबाद निवासी पवन कुमार से हुई थी। दंपति का एक पुत्र अरुण कुमार था, जिसकी उम्र घटना के समय करीब दो वर्ष थी। दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए बताया कि शादी के बाद से ही पति पवन कुमार, ससुर कुबेर राम और सास गीता देवी दहेज को लेकर अनिता को प्रताड़ित करते थे, शादी में दिया गया मोटरसाइकिल, टीवी एवं अन्य सामान खराब गुणवत्ता का है। घटना के चार-पांच माह पूर्व से प्रताड़ना और बढ़ गयी थी और 27 जून 2020 की सुबह पवन कुमार अपनी पत्नी और पुत्र को मायके से लेकर आदिलाबाद स्थित अपने घर गया और उसी दिन अपने पत्नी व बच्चे को दूध में जहर देकर मार डाला। इस घटना मे पति, सास और ससुर शामिल थे। सूचना पर पुलिस ने 27 जून 2020 को मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष के जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने कुल 8 गवाहों को परीक्षित कराया, सभी ने घटना के समर्थन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए अलग अलग धाराओं मंे सजा सुनायी। न्यायालय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद में तैनात डॉ. आकाश कुमार की भूमिका पर भी गंभीर टिप्पणी की। अदालत ने आदेश के पैरा-30 में उल्लेख किया कि आकस्मिक रजिस्टर में कथित छेड़छाड़ कर अभियुक्तों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने मुख्य चिकित्साधिकारी गाजीपुर को डॉ. आकाश कुमार के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।




