Slide 1
Slide 1
धर्म

आजमगढ़ : गुरु पूजा महोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न हुआ

मनुष्य के जीवन में सतगुरु का होना आवश्यक है। गुरु बिनु ज्ञान न उपजे, गुरु बिनु भगति न होय। गुरु बिनु संशय ना मिटे, गुरु बिनु मुक्ति न होय

गोविंदा लाल शर्मा/आजमगढ़। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आजमगढ़ की ओर से परम पूज्य गुरुदेव सर्व श्री आशुतोष महाराज की कृपा से स्थान गोपालम् लाॅन देवखरी, भंवरनाथ, आजमगढ़ पर एक दिवसीय श्री गुरु पूजा महोत्सव का भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। श्री गुरु पूजा के शुभ अवसर पर सर्वश्री आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी अर्जुनानंद जी व्यास पीठ पर विराजमान होकर अपने दिव्य ओजस्वी एवं क्रांतिकारी कथा प्रसंगों को एवं सत्संग विचारों के द्वारा आई हुई सैकड़ो संगत को मार्गदर्शन दिया एवं उनको जीवन जीने की सही कला से रूबरू कराया,फिर गुरु महिमा की बात बताया। आज के भौतिक युग में लोग गुरु की महिमा को नहीं जानते। समस्त शास्त्र एवं ग्रंथ कहते हैं कि मनुष्य के जीवन में एक पूर्ण गुरु का होना अत्यंत आवश्यक है। गुरु के बिना जीवन संसार रूपी भवसागर से पार हो ही नहीं सकता। साथ ही साथ मानव जीवन प्राप्ति के बाद गुरु धारण करना आवश्यक बताया गया है परंतु आज गुरु के विषय में अनेकों भ्रांतियां हैं तो हम कहां जाएं? किस गुरु के पास जाए? भगवा वस्त्र धारण करने वाले के पास या मंत्र जाप करने वाले के पास या प्रवचन करने वाले के पास जाएं? आपको सच्चे गुरु की पहचान करनी है तो शास्त्रों के अनुसार जो परमात्मा का दर्शन अंतर्घट में करवा दे वही पूर्ण गुरु होता है। गुरु केवल भगवान की बात ही नहीं करता वह शिष्य के दिव्य नेत्र  खोलकर उस दिव्य प्रकाश का दर्शन भी करवाता है। ऐसे पूर्ण गुरु की पूजा करने से तैंतीस कोटी देवी देवताओं की पूजा हो जाती है। यही गुरु की महिमा को शास्त्रों में गाया गया है। ऐसे ही हमारे गुरु हैं– श्री आशुतोष महाराज जी, जो केवल ईश्वर की बात नहीं करते हैं बल्कि परमात्मा का दर्शन भी करवाते हैं। मंच पर आसीन साध्वी बहनों ने भी गुरु की महिमा का गुणगान किया। अंत में आई हुई संगत को स्वामी विश्वस्वरूपानंद जी ने आशीर्वाद देकर गुरु महोत्सव कार्यक्रम का विसर्जन किया। तत्पश्चात बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए उनके टीकाकरण के महत्व को बताते हुए सुंदर पर्यावरण रखने के लिए वृक्षों के बारे में बताया गया। आए हुए साधकों को बताया गया कि एक पेड़ अपने मां के नाम जरूर लगाएं। अंत में भंडारे में जाकर भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर जोखू साहू, कैलाश प्रसाद, भूपेंद्र जी, कामता प्रसाद, केशव प्रसाद, अमित, आशीष जी, संतोष जी, प्रहलाद सिंह, लकी, कन्हैया जी, उमेश चंद्र, पवन, शिवकुमार, आनंद जी, अंशु, सुमन, मीरा सिंह, बिंदु, ममता सिंह, उषा, शांति देवी, किरण सिंह, उर्मिला, संगीता, शिवकुमारी देवी, रीता सिंह, रंजन, लक्ष्मी, तारा देवी, आदि हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। पूजा महोत्सव का भव्य कार्यक्रम स्वामी कमल जी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button