कानपुर में गंगा किनारे उतराईं सैकड़ों मरीं मछलियां
तेज आंधी के साथ दो घंटे तक हुई बारिश, कई स्थानों पर जलभराव, गंगा में अभी भी कई नालों का पानी जा रहा, गंगा का पानी हुई दूषित
कानपुर। जिले में शनिवार की सुबह आंधी के साथ दो घंटे तक तेज बारिश हुई। इस बारिश में शहर के तमाम खुले नालों का पानी गंगा में गया। गंगा में गंदगी और जहरीला पानी होने की वजह से सैकड़ों मरी मछलियां गंगा में उतरा गईं। यह देख भीड़ लग गई। तमाम लोग मरीं मछलियां घर ले गए।
शनिवार को सुबह तेज आंधी और बारिश का अलर्ट मोबाइल पर आया था। सुबह छह बजे के करीब तेज आंधी के साथ ही बारिश शुरू हुई। एक घंटे तक हुई बारिश से कई स्थानों पर जलभराव हो गया। जाजमऊ केडीए कालोनी में जहां बाजार लगती है वहां पर भी पानी भर गया। केंद्र और प्रदेश सरकार ने गंगा की सफाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। शहर में सैकड़ों की संख्या में नाले सीधे गंगा में गिरते थे। तमाम नालों को तो जल निगम ने टैब कर दिए लेकिन अभी भी कई नाले खुले हैं। जिनका पानी बिना ट्रीटमेंट किए हुए सीधे गंगा में जाता है। शनिवार को दोपहर में जाजमऊ गंगा घाट के किनारे सैकड़ों मरीं मछलियां उतराने लगीं। यह देखकर मौके पर भीड़ लग गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा में मछली मारना मना है। गंगा का पानी दूषित हो गया है। इससे मछलियां मर गई हैं। तमाम लोग तो मछलियां अपने घर भी लेकर चले गए।
जाजमऊ में गंगा सफाई के नाम पर टेनरियां बंद करा दी गई हैं। यहां पर कच्चे चमड़े का कारोबार एकदम ठप हो गया है। अधिक तर टेनरियां गंगा के पार उन्नाव शिफ्ट कर दी गई हैं। इसके बाद भी नालों का पानी गंगा में जाने से नहीं रोका जा रहा है।




