
शीबू खान
फतेहपुर। शबे बारात के पावन मौके पर जनपद भर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरी अकीदत और एहतराम के साथ इबादत की। दिन में घरों में हलुआ तैयार किया गया, जबकि रात भर मस्जिदों और घरों में कुरआन की तिलावत, नात, मनकबत और दुआओं का सिलसिला चलता रहा। इस अवसर पर जगह-जगह तकरीर और धार्मिक महफिलों का आयोजन किया गया, जहां उलमाओं ने शबे बारात की फज़ीलत बयान की। कब्रगाहों में भी रात भर चहल-पहल रही। लोगों ने अपने मरहूम रिश्तेदारों की कब्रों पर जाकर फातिहा पढ़ी और उनके लिए मगफिरत की दुआ की। हर मुस्लिम गांव में महफिल और जलसों के बाद मुल्क में अमन, चैन, भाईचारे और तरक्की के लिए खास दुआएं मांगी गईं। खागा तहसील क्षेत्र के सुल्तानपुर घोष गांव में मस्जिद के इमाम कारी बिलाल नूरी के नेतृत्व में विशेष जलसे का आयोजन किया गया। इस दौरान मौलाना सद्दाम हुसैन, हाफिज सरवर हबीबी, हाफिज शरीफ और हाफिज गुलाम गौस ने तकरीर कर शबे बारात की अहमियत बताई और नातख्वानी के जरिए लोगों को अल्लाह और उसके रसूल की यादों में सराबोर कर दिया। जलसे में मौजूद शोहराओं ने नात और मनकबत से समां बांध दिया। इस दौरान साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान ने भी महफिल में शिरकत की और तिलावत कर अपने रब से दुआ मांगी। उन्होंने अपने मरहूम परिजनों की कब्रगाह पर जाकर फातिहा भी पढ़ी। कार्यक्रम में सदर अनवार अहमद, नायब सदर फिरोज अहमद, मोहम्मद जफर, नाजिम अली, मोहम्मद जुबैर, अनीस कुरैशी, हाजी रईस अहमद, जैनुल आब्दीन उर्फ मुन्ना, आफताब आलम, एकलाख अहमद, इकबाल अहमद, मुरसलीन, दानिश, अरमान, मुजनबीन, जसीम, तंजील, मुस्तकीम, रेहान, फैजान, आलम, इंतखाब, नूर अता, उजैर, अमान, नूरुल, मकसूद, मुन्ना सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।




