
मीरजापुर।शेरवां पहाड़ पर स्थित खड़ेश्वरी महराज के तपस्थली के पास स्व0डा श्री कुबेर सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाईपुर के संरक्षक नागेश कुमार सिंह ऐडवोकेट द्वारा शेरवां पर्वत के उच्च शिखर पर बनवाया गया। मृत्युंजय महादेव मंदिर पर आज भव्य रूद्राभिषेक का कार्यक्रम पुजारी सुरेश चन्द्र द्विवेदी के शुद्ध मन्त्रोचार के बीच सम्पन्न हुआ। सावन माह के शुक्ल पक्ष के षष्ठी के अवसर पर आयोजित रूद्राभिषेक कार्यक्रम में भगवान शिव को फूल माला, बेल-पत्र आदि चढ़ाया गया और दुग्धाभिशेष भी किया गया। ज्ञात हो कि इस मंदिर का शिलान्यास 2023 में तथा प्राण-प्रतिष्ठा 2024 में आचार्य जी सन्तशरण दूबे अदलहाट के द्वारा किया गया था। इस पुनीत कार्य के यजमान आरती द्विवेदी पत्नी सुरेश चन्द्र द्विवेदी शेरवां रहीं। इस कार्यक्रम में उपस्थित सीतेश द्विवेदी ने बताया कि इस पर्वत भूमि पर खड़ेश्वरी जी महराज द्वारा कराये गये यज्ञ से यह भूमि बहुत ही पवित्र मानी जाती है। यहां पर बनवाया गया दक्षिण मुखी हनुमान जी का मंदिर बहुत ही फलदाई है। अब इस मंदिर के पास मृत्युंजय महादेव के मंदिर की स्थापना हो जाने से यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है। सावन के महीने में लोगों का आना-जाना और दर्शन पूजन का क्रम यूं तो बना ही है अब हमेशा भी बना रहेगा। आज के कार्यक्रम के अशोक दिक्षित, प्रमोद कुमार केशरी अशोक पाठक, अनिल कुमार मिश्र (गप्पू),जनार्दन सिंह, अरुण सिंह, श्रवण नेता,मल्लू, दल्लू, पुनीत चौबे राजू मुनीम आदि प्रमुख रूप से साक्षी रहे।




