फतेहपुर : यूजीसी नियम 2026 के विरोध में वकीलों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

शीबू खान
फतेहपुर। खागा तहसील में अधिवक्ताओं ने यूजीसी नियम 2026 के खिलाफ एकजुट होकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों ने उपजिलाधिकारी अभिनीत कुमार के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए नियमों को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार द्वारा प्रस्तावित “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम, 2026” का उद्देश्य भले ही समानता को बढ़ावा देना बताया जा रहा हो, लेकिन व्यवहार में यह नियम समानता समाप्त करने के बजाय भेदभाव को और बढ़ावा देने वाला प्रतीत होता है। वकीलों ने आरोप लगाया कि इस नियम के तहत गठित की जाने वाली समता समिति में सामान्य वर्ग के व्यक्तियों को शामिल नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि केवल सामान्य वर्ग के लोगों को ही कटघरे में खड़ा किया जाएगा। उन्होंने इसे न्यायसंगत एवं संवैधानिक भावना के विपरीत बताया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि या तो समता समिति में सामान्य वर्ग के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए, अथवा इस नियम को पूर्णतः रद्द किया जाए, ताकि सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव प्रकाश पांडेय, अधिवक्ता समाज की ओर से रामसखा द्विवेदी, सूर्य प्रकाश सिंह, अशोक श्रीवास्तव, राजेश द्विवेदी, जितेंद्र द्विवेदी, नदीम सिद्दीकी, राजेश तिवारी, कृष्ण कुमार, विवेक पाठक, पोनू पांडेय, रतन तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं सामान्य वर्ग के लोग उपस्थित रहे।




