
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र में आयोजित संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण शिविर का तीसरा दिन रहा। जिसमें विश्वविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया और इस प्रशिक्षण शिविर से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए।
शिविर में संस्कृत प्रशिक्षक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रवि शंकर पांडेय ने कथा कहानियों के माध्यम से बच्चों को प्रशिक्षित किया और कहां कि संस्कृत और संस्कार तो हम भारतीयों के रक्त में है। केवल आवश्यकता इस बात की है कि हमारी वाणी में भी संस्कृत हो। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र की निदेशक प्रोफेसर विधु द्विवेदी ने कहा कि इस प्रशिक्षण शिविर में विश्वविद्यालय के किसी भी कक्षा के छात्र-छात्राएं भाग ले सकते हैं। अतः आप लोग इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और संस्कृत संभाषण का अभ्यास करें। इसका आप सभी को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम का संचालन दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र के शिक्षक डॉ संदीप शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ विनय पांडेय ने किया। कार्यक्रम में अखिलेश कुमार मिश्रा , विष्णु पटेल ,डॉक्टर कंचन पाठक, अरुण पांडेय, अंजू देवी, अंजली कुमारी की उपस्थिति रही ।




