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भदोहीराजनीति

भदोही:औराई ब्लाख में अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह हुआ सम्पन्न

मुख्य अतिथि नंद किशोर पांडेय ने अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर आधारित विषयों पर प्रकाश डाला

आफताब अंसारी
भदोही। औराई थाने के सामने दुर्गापूजा तालाब स्थित अटल बिहारी वाजपेई जन्म शताब्दी समारोह का समापन रविवार को जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा की अध्यक्षयता में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नंद किशोर पांडेय सदस्य क्षेत्र कार्य समिति काशी क्षेत्र उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अटल बिहारी वाजपेई भारत रत्न के जीवन पर आधारित तमाम विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा अटल बिहारी वाजपेई विराट व्यक्तित्व और मर्म को महसूस कर नापतोल कर शब्द रखने वाले हम सभी भारतवासियों की ओर से उनकी जन्म शताब्दी पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। कहा संगठन से सत्ता तक यह भाषण केवल शब्दों का कम नहीं बल्कि भारतीय राजनीति की उस यात्रा का स्मरण है जहां सत्ता का शिकार संगठन की सीढ़ियों से चढ़कर प्राप्त किया गया। उनकी राजनीतिक यात्रा व्यक्ति से पहले विचार के पद से पहले संगठन की सत्ता से पहले संघर्ष की कहानी है। अध्यक्षता कर रहे दीपक मिश्रा ने कहा अटल बिहारी वाजपेई भारतीय राजनीति में उस पीढ़ी को प्रतिनिधि थे जिसने सत्ता को लक्ष्य नहीं साधन माना। उनकी यात्रा किसी राजवंश की देन नहीं थी नहीं किसी आकस्मिक जन लहर का परिणाम था बल्कि यात्रा संघ की शाखाओं में अनुशासन सीखने से आरंभ होती है। जनसंघ की बैठकों में विचार करने से आगे बढ़ती है और अंततः लोकतांत्रिक सत्ता के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचती है। 1940 के दशक में जब देश स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करता था उसी काल में अटल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। संघ उनके लिए केवल संगठन नहीं था बल्कि जीवन दृष्टि था। 1957 का लोकसभा चुनाव अटल की राजनीतिक यात्रा का निर्णायक मोड़ था बलरामपुर से निर्वाचित होकर वह संसद पहुंचे। 1967 में जनसंख्या की राजनीतिक स्वीकारता बढी अटल पहली बार सरकार के निकट पहुंचे। 1977 में आपातकाल के बाद जनता पार्टी सरकार बनी। 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ 1984 में मात्र दो सिटे मिली किंतु अटल बिहारी वाजपेई ने उस समय सत्ता की शॉर्टकट राजनीति नहीं चुनी। 1996 में अटल पहली बार प्रधानमंत्री बने 13 दिन की सरकार रही और पराजय नहीं थी वह सिद्धांत की विजय थी। 1998 में पुनः प्रधानमंत्री बने भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर आत्मनिर्भर सुरक्षा नीति की घोषणा की। 1999 में कारगिल युद्ध के समय उनके नेतृत्व स्पष्ट करता है ऐसे तमाम विषयों को समाहित करते हुए अटल के स्मृति पर चर्चा की गई और उन्हें याद कर सच्ची श्रद्धा सुमन श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा, पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, जिला प्रवासी पूर्व जिला अध्यक्ष जौनपुर रामविलास पाल, पूर्व जिला अध्यक्ष कन्हैया लाल मिश्रा, डॉ देवेंद्र दुबे, शैलेंद्र दुबे, नागेंद्र सिंह, ब्लाक प्रमुख विकास मिश्रा, अखिलेंद्र सिंह बघेल चिंटू, अखंड प्रताप सिंह, राजेंद्र दुबे, दीपक तिवारी, राकेश सिंह, शिवलाल मौर्य, रत्नाकर पाठक, सुनील बिंद, मनीष पांडेय, शिवम तिवारी, अखिलेश तिवारी, दीपक सिंह सहित सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अखंड प्रताप सिंह ने किया।

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