गाजीपुर : पुलिस विभाग में मचा हड़कंप, कितने आदमी थे? सरकार दो आदमी….

डॉ एके राय
कितने आदमी थे …….सरदार …. दो आदमी, शोले फिल्म का यह महत्वपूर्ण डायलॉग गाजीपुर पुलिस पर सटीक बैठता है। गलतियों पर दूसरों को ढूंढ कर और गिरफ्तार कर थाने लाने वाले पुलिस के दो जवान सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त अवस्था में पुलिस थाने के समीप खड़ा कर फरार हो गये। इससे जहां पुलिस विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है, वहीं जिले के लोग इस मामले को लेकर अचंभित है।बताया गया कि डायल 112 पीआरवी बेड़े में नई पीआरवी स्कार्पियो रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 32-डीजी-7885 पर चालक आरक्षी सुनील कुमार सिंह और आरक्षी दिवेंदु गुरुवार को ड्यूटी पर तैनात थे। सम्भवतः शाम को ड्यूटी से लौटते समय पीआरवी वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग 124 सी पर रेवतीपुर गांव के समीप किसी वाहन से टकरा कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बावजूद पुलिस वाहन पर तैनात दोनों सिपाही क्षतिग्रस्त पीआरवी वाहन को थाने के समीप खड़ा कर दिया और वगैर किसी सूचना के दोनों कांस्टेबल थाने से गायब हो गये।
दुर्घटना की जानकारी थाने को तब मिली जब रात की स्विफ्ट में तैनात आरक्षित जब उसे पीआरबी वाहन पर पहुंचे। वाहन की स्थिति देख वे हक्का-बक्का रह गए। वाहन में रहने वाला टैबलेट, मोबाइल समेत अन्य सामान गायब थे। थाना पुलिस ने दिन में उस वाहन पर तैनात दोनों आरक्षियों का पता लगाने की कोशिश की लेकिन विफल रही। इस पर इस घटना से 112 पीआरवी प्रभारी तथा पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. इराज राजा ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरी तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिया। पुलिस रात में ही दोनों आरक्षियों की अपने स्तर से खोजने में जूट गई लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। इसके उपरान्त शुक्रवार को 112 पीआरवी प्रभारी वीरेंद्र कुमार बरवार और एमटी परिवहन शाखा, पुलिस लाइन के उपनिरीक्षक सतेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त वाहन का निरीक्षण किया।
प्रभारी निरीक्षक राजू दिवाकर ने बताया कि एमटी उपनिरीक्षक सतेंद्र यादव की तहरीर पर पीआरवी चालक आरक्षी सुनील कुमार सिंह और आरक्षी दिवेंदु के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया। मुकदमा दर्ज करने के उपरान्त पुलिस गहन जांच में जुटी हुई है। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। कुछ लोग जहां इसे आरक्षियों को दोषी बता रहे हैं तो वहीं कुछ लोग का यह भी मानना है कि कहीं धक्का मारने वाला वाहन ही इनको अपने साथ तो नहीं लेता गया। स्थिति चाहे जो भी रही हो अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हुई है कि आखिरकार दोनों आरक्षियों के साथ क्या हुआ और वह कहां और किन परिस्थितियों में हैं।




