
गोविन्द लाल शर्मा
आज़मगढ़। जिले के अहरौला थाना क्षेत्र में रविवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में खेतों के बीच पड़ा मिला। सुनसान इलाके में मिली लाश ने पूरे गांव को सन्न कर दिया। मृतक बनारस में रहकर काम करता था, ऐसे में उसकी अचानक गांव में मौजूदगी और मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।मिली जानकारी के अनुसार, अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर पूरा गांव निवासी 35 वर्षीय मिथिलेश सिंह पुत्र इंद्रसेन सिंह का शव लेदौरा गांव स्थित मौनी बाबा की कुटिया से लगभग 500 मीटर पश्चिम दिशा में पड़ा मिला। सुबह शौच के लिए उधर गए ग्रामीणों की नजर जब अचेत अवस्था में पड़े युवक पर पड़ी, तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
मृतक के बड़े भाई दुर्गेश सिंह ने बताया कि मिथिलेश पिछले करीब 15 दिनों से बनारस में पीओपी का काम कर रहा था। वह गांव कब आया और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, इसकी कोई जानकारी परिवार को नहीं है। मिथिलेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे और अविवाहित थे। बीते 5–6 वर्षों से वह बनारस में रहकर रोजी-रोटी कमा रहे थे। परिजनों का कहना है कि 15 दिन पहले वह काम के सिलसिले में बनारस गए थे, लेकिन इस दौरान क्या हुआ, इसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने इस घटना को हत्या करार देते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।घटना की सूचना मिलते ही अहरौला थानाध्यक्ष अमित मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में क्षेत्राधिकारी बुढ़नपुर अजय कुमार सिंह और फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य संकलन किया । पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष अमित मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।




