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उत्तर प्रदेशसोनभद्र

सोनभद्र : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय का मना वार्षिकोत्सव

राकेश चंदेल
हिन्दुस्तान संदेश/ सोनभद्र।राबर्ट्सगंज के विकास नगर में स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में स्थानीय सेवाकेंद्र का 24वां वार्षिकोत्सव नवयुग अभिनंदनम समारोह सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। सर्व प्रथम कार्यक्रम का प्रारम्भ परमात्म स्मृति से प्रारम्भ हुआ। मंचासीन अतिथियों का ब्रह्माकुमारी  बहनों ने अंगवस्त्रम तिलक तथा पुष्पमाला और बुके से स्वागत किया। मंचासिन महानुभावों ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का औपचारिक रूप से प्रारंभ किया। मिर्जापुर से पधारी बीके बिन्दु दीदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था विश्व के 140 देशों में 8000 से भी अधिक सेवाकेंद्रों के माध्यम से ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग के माध्यम से संपूर्ण मानवता के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने आदि सनातन संस्कृति के उत्थान हेतु नारी शक्ति को ईश्वरीय कार्य के लिए अग्रदूत बनाया है। मुख्य अतिथि एएसपी अनिल कुमार ने कहा कि जीवन में ज्ञान का बोध होना आवश्यक है तभी मनुष्य जीवन में श्रेष्ठ कर्म कर सकता है। विशिष्ट अतिथि सीओ रणधीर मिश्रा ने कहा कि युग परिवर्तन की यात्रा का प्रारंभ हो चुका है। हम सभी को इस अन्तर्जगत की यात्रा से जुड़कर आत्म कल्याण के पथ पर चलना चाहिए। साईं हॉस्पिटल की डायरेक्टर डा अनुपमा सिंह ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ने के बाद जीवन के यथार्थ उद्देश्य का बोध हुआ। इससे हमारे जीवन में बहुत बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया। उन्होंने सभी लोगों से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से जुड़ने की अपील की है। विकास शाक्य एडवोकेट ने कहा कि मनुष्य तन को मानव सेवा के कल्याण में लगाना है। इससे हमारा जीवन सफल हो जाता है। सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका बीके सुमन दीदी ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियो एवं उपस्थित लोगो का आभार व्यक्त करते हुए कहा की यह सेवाकेंद्र आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन संस्कृति का केंद्र है। यहाँ सभी सेवाएं निःशुल्क प्रदान की जाती है। कोई भी व्यक्ति इसका लाभ उठा सकता है। उन्होंने अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन कृष्ण मुरारी गुप्ता, अवधेश धर दुबे, मनोज धर दुबे, डा संजय सिंह, विजय कनौडिया आदि रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में बीके प्रतिभा, बीके सीता, बीके सरोज, बीके कविता, बीके दीपशिखा, संगीता बहन, गोपाल भाई का विशेष योगदान रहा।

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