
सोमवार को भोर 3:30 से मंदिर की कपट मंगला आरती के बाद खोल दी जाएगी,सुरक्षा के कड़े प्रबंध पुलिस एवं पीएसी बल तैनात
सुशील कुमार मिश्र/ वाराणसी। शारदीय नवरात्र 22 सितंबर दिन सोमवार से प्रारंभ हो रहा है।पहले दिन शारदीय नवरात्र के वरुण के किनारे स्थित मां शैलपुत्री देवी के दर्शन पूजन का विधान है। इस दौरान यहां मां शैलपुत्री देवी के मंदिर में सोमवार को भोर से ही हजारों श्रद्धालु पहुंचकर दर्शन पूजन करते हैं तथा मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं ।यह मंदिर जैतपुर थाना क्षेत्र में शैलपुत्री मंदिर पड़ता है इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं ।चेतगंज एसीपी गौरव वंशवाल ने बताया श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई है तथा मंदिर के आसपास पुलिस, पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। तथा मां को प्रसाद चढ़ाने के लिए और स्थाई रूप से नारियल, चुनरी, प्रसाद, माला फूल तथा बच्चों के लिए और अस्थाई खिलौने की दुकान सड़क के दोनों पटरी पर गए हैं। सोमवार को 3:30 बजे मां शैल पुत्री देवी का मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पूजन हेतु मंदिर की कपाट खोल दी जाएगी।नवदुर्गा मनोकामना सिद्ध मंदिर, नवापुरा – दारानगर चैत्र व अश्विन के पवित्र नवरात्रि में कोतवाली वार्ड के दारानगर नवापुरा में नवदुर्गा मनोकामना सिद्ध मंदिर में भी दर्शनार्थियों की भारी उमड़ती है।


इस मंदिर की स्थापना 26 जनवरी 2007 में की गई थी। जिस स्थान पर आज नौ देवी का मंदिर है, वहां पर उसके पूर्व 26 वर्षों तक शारदीय नवरात्रि में विशाल पंडाल बनाकर प्रतिमा की भव्य स्थापना की जाती रही थी। जहां भव्य श्रृंगार, पूजन, आरती तथा विभिन्न सांस्कृतिक समारोह का आयोजन भी निरंतर होता रहा है। इस मंदिर में नवदुर्गा के साथ माता वैष्णो देवी की विशाल मूर्ति भी है, साथ ही सिद्धेश्वर महादेव मंदिर भी है। इंदुशेखर तिवारी, छोटेलाल सेठ, विरेन्द्र कुमार वर्मा, पूर्व पार्षद रविशंकर सिंह, पूर्व पार्षद किशोर सेठ, विकास सिंह आदि ने बताया कि इस बार पंचमी तिथि 2 दिन पड़ रहा है तथा सप्तमी को अन्नकूट, अष्टमी को सिंदूरदान, नवमी को महाआरती तथा विजयादशमी के दिन भव्य हवन का आयोजन किया गया है।




