
सतीश कुमार पांडेय
मऊ।नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के संरचनात्मक हिस्सों को गिराने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक निर्माण को नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा और ऐतिहासिक विरासत को नुकसान पहुँचाने का प्रयास है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ज़िला कांग्रेस कमेटी मऊ के अध्यक्ष राजमंगल यादव के नेतृत्व में आज जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदया को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मणिकर्णिका घाट पर हुए ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और ऐतिहासिक विरासत को पूर्व स्वरूप में बहाल करने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपते समय ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष राजमंगल यादव ने कहा,भाजपा सरकार देश के इतिहास और महापुरुषों की विरासत को एक-एक कर मिटाने की कोशिश कर रही है, जो अक्षम्य और निंदनीय है।
मणिकर्णिका घाट जैसे पवित्र स्थल से छेड़छाड़ करोड़ों भारतीयों की आस्था पर सीधा आघात है। कांग्रेस इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।”कांग्रेस की प्रमुख मांगें।मणिकर्णिका घाट पर हुए ध्वस्तीकरण की न्यायिक जांच कराई जाए।विरासत संरचनाओं को नुकसान पहुँचाने वाले अधिकारियों/एजेंसियों पर कठोर कार्रवाई हो।ऐतिहासिक स्वरूप को तत्काल बहाल किया जाए। भविष्य में किसी भी धरोहर पर कार्रवाई से पहले विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों की सहमति अनिवार्य की जाए।कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनभावनाओं और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक घाट की नहीं, बल्कि भारत की पहचान, इतिहास और सम्मान की है।इस अवसर पर हरिश्चंद्र यादव, उदय प्रताप राय, शिवाजी कन्नौजिया, रामकेश सिंह पटेल, मनोज गिहार, फहद क़ादिर, अमृतमल, हफीजुर्रहमान, महेंद्र सोनकर, आफ़ताब सिद्दीकी, मो. अनस, मंशा राजभर, सुरेश राजभर, कन्हैया गौंड, शाहिद फारूकी, उमर फारूक, परशुराम यादव, राजेश यादव सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




