क्या,आगरा पुलिस की मुठभेड़ निकली फर्जी? कोर्ट में बदमाश ने खोल दी पोल

आकाश वर्मा
आगरा। यूपी पुलिस के ऑपरेशन लंगड़ा से आगरा भी अछूता नहीं रहा। इसी कड़ी में पिछले एक महीने से लगातार मुठभेड़ों में शामिल रही आगरा पुलिस के रकाबगंज थाने के लिए एक मुठभेड़ गले की फांस बन गई है। दरअसल गौकशी के एक आरोपी को पुलिस ने हाल ही में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। इस आरोपी को गोली भी लगी थी। जब इस आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया तो उसने जज के सामने पुलिस को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। इसके बाद सीजेएम कोर्ट ने पुलिस के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। इस घटना से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं और आगरा पुलिस के लिए यह मामला खासी मुसीबत पैदा कर चुका है। इमरान नाम के इस आरोपी ने कोर्ट में दावा किया कि पुलिस ने पहले उसे पकड़ा, मेडिकल कराया और उसके बाद मारा-पीटा। इसके बाद उसके पैर में गोली मारी गई। आरोपी ने न्यायालय में अपनी चोटें भी दिखाईं। इसे ही बाद में पुलिस ने मुठभेड़ का नाम दिया। आरोपी का यह बयान सुनते ही विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी का फिर से मेडिकल कराने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश पर आरोपी का दोबारा मेडिकल हुआ तो उसके शरीर पर दो नई चोटें पाई गईं। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने के साथ ही यूपी के डीजीपी को भी पत्र लिखा। कोर्ट ने इसे मानवाधिकार का उल्लंघन माना है और विभागीय जांच कराने की बात कही है। वही अपनी गर्दन फंसते देख पुलिस अब मामले में रिवीजन दायर करने पर भी विचार कर रही है। इस बारे में कानूनी सलाह भी ली जा रही है। बता दें कि रकाबगंज पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र के निवासी इमरान पुत्र अफजाल को विगत 31 मई को मुठभेड़ में गिरफ्तार दिखाया था। पुलिस ने यह भी बताया था कि अभियुक्त के पास से एक तमंचा, सफेद बोरे में प्रतिबंधित मांस और एक स्कूटर भी मिला है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अभियुक्त इमरान का साथी लोहामंडी क्षेत्र निवासी समीर घटनास्थल से भागने में सफल हो गया था।अभियुक्त इमरान ने सीजेएम कोर्ट में पुलिस की कहानी पर ही सवाल उठा दिए और बताया कि न तो उसके पास से प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ। वह बरामदगी भी पुलिस ने अपने स्तर से इंतजाम कर दिखाई।




