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आगराब्रेकिंग न्यूज़

आगरा में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही, 5 साल के मासूम की मौत

आकाश वर्मा
आगरा। एक बार फिर जनपद में स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही सामने आई हैं। यहां सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की घोर लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। आगरा के जगनेर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर रविवार को इलाज के अभाव में पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। परिजन बीमार बच्चे को लेकर जब अस्पताल पहुंचे तो वहां डॉक्टर नदारद थे। फार्मासिस्ट ने भी रविवार को छुट्टी का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया था। ऑक्सीजन समय पर न मिलने के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया। इसके बाद सीएचसी परिसर में ग्रामीणों ने भारी हंगामा किया। बरिगमा बुजुर्ग जगनेर निवासी तोताराम ने बताया कि सुबह बच्चे की तबीयत बहुत खराब हो गई थी। वे जगनेर सीएचसी पर लेकर आए तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि आज रविवार है, इसलिए अस्पताल बंद है और यहां डाक्टर भी नहीं हैं। इस पर वे बच्चे को प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गये। वहां कहा गया कि बच्चे की हालत बहुत खराब है, इसे तुरंत ऑक्सीजन की जरूरत है, इसलिए सरकारी अस्पताल लेकर जाएं। साढ़े दस बजे फिर से सीएचसी पर पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने वही पुरानी बात कही कि डॉक्टर नहीं है और रविवार के कारण अस्पताल बंद है। ज्यादा अनुरोध किया तो कर्मचारियों ने बच्चे को आक्सीजन लगाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे का शरीर निर्जीव हो चुका था। बच्चे की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सीएचसी जगनेर पर जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्य कर्मियों की गैरमौजूदगी को लेकर नारेबाज़ी की। ग्रामीणों का आरोप है कि सीएचसी जगनेर जैसे केंद्र केवल सफेद हाथी बनकर रह गए हैं, जहां स्वास्थ्यकर्मी अक्सर गायब रहते हैं, और मरीजों को बेसहारा छोड़ दिया जाता है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या देहात के गरीब नागरिकों के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ कागज़ों में ही ज़िंदा हैं?

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