गाजीपुर : वतन के लिए आगे आना पड़ेगा….

गाजीपुर।सदर तहसील के खालिसपुर गांव में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ कवि श्री रामदेव पांडे ने और आरंभ प्रबंधकार कामेश्वर द्विवेदी के शार्दूल विक्रीडित छंद में लिखे सरस्वती वंदना से किया गया।गजलकार रामपुकार सिंह ग़ाज़ीपुरी ने इस अवसर पर वतन के लिए आगे आना पड़ेगा,बिगुल भी जहाँ में बजाना पड़ेगा। सुनाकर तालियां अर्जित की। दिनेश चंद्र शर्मा ने ‘तू नहीं पैगाम तेरा हर किसी के दिल में है। जल रही अब तक शमा रोशनी महफिल में है, गाकर सबको आंदोलित कर दिया। हरिशंकर पांडे ने ‘जगत इ हऊवे रैन बसेरा, उठि जाई एक दिन ई डेरा। खड़ा जनि रोज एक तूफान सखि बतिया ला मान सखि न ‘ सुनाया। डॉ संतोष कुमार तिवारी ने अपनी कविता’ इस विसंगत दौर में’ के माध्यम से लोगों को सोचने पर मजबूर किया और सुनाया” सच, कितना मुश्किल है ,काजल की कोठरी से बचकर बाहर निकलना। खंडित जनादेश और विखंडित सपनों वाले देश में ,अभिव्यक्ति के खतरे उठा पाना। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि रामदेव पांडे ने अपनी भोजपुरी कविता के माध्यम से श्रोताओं को आनंदित कर दिया। ‘एक दिन जाए बदे बांसे क विमान बनल बा ।फिर भी काहे लोगवा बेईमान बनल बा।




