
कक्षा में स्थान पाने वाले छात्रों को किया पुरस्कृत
काकोरी/ लखनऊ। व्यक्तित्व के विकास के लिए शिक्षा का होना बेहद जरूरी है। अकबरनगर को सरकार द्वारा ध्वस्त करने के बाद वहां के बच्चों का भविष्य अंधकार में था और उन्हें शिक्षा नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में सावित्री फातिमा मोटेसरी स्कूल के माध्यम से बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना बहुत महत्वपूर्ण कार्य है।यह बातें आज सामाजिक कार्यकर्ता दिनकर कपूर ने अकबरनगर विस्थापित बच्चों के लिए बनाए सावित्री फातिमा स्कूल के प्रथम वार्षिक समारोह में उपस्थित लोगों से कहीं। समारोह में कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय में आने वाले बच्चों को पुरस्कार दिया गया और सभी बच्चों को तोहफा दिया गया।कार्यक्रम में पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मौन भी रखा गया।

इस अवसर पर मौजूद स्कूल के फाउंडर इमरान राजा ने कहा कि सबके सहयोग से ही इस स्कूल को चलाना संभव है। आने वाले समय में विद्यालय को विकसित करते हुए इंटरमीडिएट तक पहुंचाना हमारा सपना है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर अंबेडकर ने कहा था कि शिक्षा शेरनी के दूध के समान है जिसको पाने के बाद ही आदमी दुनिया में अपने को सक्षम बना पाता है। स्कूल की प्रिंसिपल हिना जावेद ने कहा कि बहुत कम समय में बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और हमारी कोशिश है। कि एक ऐसी बच्चों में नीव तैयार की जाए ताकि आने वाले समय में वह जीवन में बेहतरीन काम को कर सके। रिपोर्ट- इमरान अहमद




