मगफिरत का अशरा पूरा, रमजान का तीसरा अशरा ‘जहन्नुम से आजादी’ शुरू
वाराणसी। मस्जिदों से जैसे ही अज़ान कि सदाएं, अल्लाह हो, अकबर, अल्लाहो अकबर…फिज़ा में गूंजी। रोज़दारों ने खजूर और पानी से रमज़ान का 20 वां रोज़ा जुमे को मुकम्मल हो गया। इसी के साथ अब रमज़ान का दूसरा अशरा मगफिरत पूरा हो गया। शनिवार को रोज़ेदार सहरी करके इक्कीसवां रोज़ा रखेंगे। इसी के साथ मगफिरत का तीसरा और आखिरी अशरा जुमे की शाम से शुरु गया। इससे पहले जुमे को इफ्तार के दस्तरखान पर तमाम लज़ीज़ पकवान सजाएं गये थे। इफ्तारी में चने की घुघनी, पकौड़ी के अलावा अलग-अलग घरों में तरह-तरह की इफ्तारियां सजायी गयी थी। गर्मी से निजात के लिए खरबूजा, तरबूज, रुह आफ्ज़ा, नीबू का शर्बत आदि का भी लोगों ने लुत्फ लिया। रोज़ेदारों ने इन इफ्तारियों का लुत्फ लेने के बाद नमाज़े मगरिब अदा की। इस दौरान रब की बारगाह में सभी ने हाथ फैलाकर तमाम परेशानियों और बीमारियों के खात्मे के लिए दुआएं की। शहर के दालमंडी, नईसड़क, मदनपुरा, रेवड़ीतालाब, गौरीगंज, शिवाला, बजरडीहा, कश्मीरीगंज, कोयला बाज़ार, पठानी टोला, चौहट्टा लाल खां, जलालीपुरा, सरैया, पीलीकोठी, कच्चीबाग, बड़ी बाज़ार, अर्दली बाज़ार, पक्की बाज़ार, रसूलपुरा, नदेसर, लल्लापुरा आदि इलाकों में रमज़ान की खास चहल पहल दिखाई दी। इस दौरान मुस्लिम इलाकों में असर की नमाज़ के बाद और मगरिब के बाद लोग खरीदारी करने उमड़े हुए थे।





