देवरिया:चौदह सूत्रीय मांगों को लेकर पंचायत-निकाय मोर्चा का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

असगर अली
देवरिया। जनपद में पंचायत एवं निकाय प्रतिनिधि मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम 14 सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। उन्होंने सरकार द्वारा पंचायती राज एक्ट लागू किए बिना पंचायत और निकाय चुनावों को जनता के साथ धोखाधड़ी बताया। मोर्चा का कहना है कि आम जनता न्यायालय और प्रशासन की लंबित कार्यवाही से असंतुष्ट है। इसके चलते जमानती अपराधों और छोटे राजस्व विवादों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे जनता में गहरा रोष है। संयुक्त पंचायत एवं निकाय प्रतिनिधि मोर्चा के संयोजक ब्रजेन्द्र मणि त्रिपाठी और प्रदेश अध्यक्ष कमलेश पाण्डेय के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया।ब्रजेन्द्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि जब तक सरकार ग्रामीण और शहरी निकायों को अधिकार और संसाधन नहीं देती, तब तक स्थानीय स्वशासन की भावना अधूरी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो मोर्चा राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने को बाध्य होगा।
मोर्चा की प्रमुख मांगों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में न्याय पंचायतों की पुनः स्थापना शामिल है। इसका उद्देश्य छोटे अपराधों और विवादों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त जिला पंचायत सदस्यों के लिए एक करोड़ रुपए वार्षिक विकास निधि, 20 हजार रुपए मासिक मानदेय और 20 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा देने की मांग की गई है। मोर्चा के सदस्यों ने यह भी मांग की है कि सांसदों और विधायकों की तरह जिला पंचायत सदस्यों को भी पेंशन शस्त्र लाइसेंस और राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर मुफ्त पास की सुविधा दी जाए।मोर्चा ने यह भी मांग की कि ग्राम प्रधानों का मानदेय पंचायत अधिकारियों से एक रुपये अधिक किए जाए और उन्हें भी पेंशन सुविधा प्रदान की जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्यों को 10 हजार रुपए और ग्राम पंचायत सदस्यों को 500 रुपए प्रतिमाह मानदेय देने की मांग भी रखी।इसी के साथअन्य मांगों में मनरेगा मैटेरियल भुगतान, राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त की धनराशि का समय से वितरण सुनिश्चित करना शामिल है।




