देवरिया : न्याय की चौखट पर दम तोड़ती उम्मीदें, वर्षो से दर-दर भटक रही वृद्ध महिला

असगर अली ब्यूरो चीफ,देवरिया । जिलाधिकारी कार्यालय पर न्याय के लिए पहुंची वृद्ध महिला ने जिलाधिकारी से सुनाई अपनी दर्दभरी पीड़ा, इंसाफ की आस लिए बुजुर्ग महिला वर्षों से थाना, तहसील और अधिकारियों के दफ्तरों की चौखट पर अपनी पीड़ा सुनती रहीं, लेकिन आज तक उसे न्याय नहीं मिल सका। उम्र के इस पड़ाव पर जहां लोगों को सहारे की जरूरत होती है, वहीं यह वृद्ध महिला फातिमा बेगम पत्नी इकबाल अहमद साकिन सोहनपुर थाना बनकटा तहसील भाटपार रानी जनपद देवरिया ने हाथों में फरियाद लिए न्याय हेतु जिलाधिकारी मकसूदन हुल्गी से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई। महिला का आरोप है कि परिवार के सदस्यों द्वारा गुडई एव दबंगई के द्वारा उनकी जमीन और मकान के हक पर कब्जा किया जा रहा है, जिसकी शिकायत मेरे द्वारा कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। पीड़िता का कहना है कि “साहब लोग सुनते जरूर हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ तारीख मिलती है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार विवाद बढ़ने की स्थिति भी बनी, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठा रहा। वृद्ध महिला की हालत ऐसी हो चुकी है कि अब वह न्याय की उम्मीद में टूटती नजर आ रही है। बावजूद इसके, उसके हौसले अभी भी जिंदा हैं और वह इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक बुजुर्ग महिला को न्याय पाने के लिए कितने दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर वृद्ध महिला को जल्द न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं लोगों में यह चर्चा भी तेज है कि यदि गरीब और असहाय की सुनवाई नहीं होगी तो आम जनता का भरोसा व्यवस्था से उठ जाएगा।



