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इस्तीफाः झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए, युवाओं में जश्न, मोदी सरकार में मातम

शिक्षा मंत्री को आखिरकार देना पड़ा इस्तीफा, नीट पेपर लीक के बाद से हो रही थी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, लू, धूप, आंधी, बारिश में जंतर-मंतर में जमा हजारों युवाओं के आगे झुकी मोदी सरकार. 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने छात्रों पर की थी बर्बरता, सभी की जीत लेकिन गोदी मीडिया की हार, पहले सफल आंदोलन से विरोधी दलों में भी जोश

शिक्षा-मंत्री-के-इस्तीफे-के-बाद-जंतर-मंतर-पर-जश्न-मनाते-छात्र।.
शिक्षा-मंत्री-के-इस्तीफे-के-बाद-जंतर-मंतर-पर-जश्न-मनाते-छात्र।.

आसिफ हुसैनः कानपुर। जंतर-मंतर समेत पूरे देश में छात्र-छात्राओं और विरोधी दलों के लिए शनिवार का दिन बहुत बड़ा हो गया। पूरे देश में सरकार विरोधी लहर के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अचानक दो पेज का पत्र लिखकर इस्तीफा दे दिया। इसके बाद जंतर-मंतर में कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत हजारों युवक खुशी से उछल गए। उन्होंने इस जीत के लिए सभी प्रदर्शनकारियों को बधाई दी। इसके बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि हमें डरना नहीं है। लोकतंत्र है, अगर हम लोग अपनी आवाज उठाएंगे तो यह लोग लाइन में रहेंगे। इस्तीफे के बाद अभी हमारी दो और मांगें हैं, हम कॉक्रोच ऐसे नहीं जाएंगे। 20 बच्चों को खोने वाले परिवारजनों को एक-एक करोड़ का मुआवजा और 20 जुलाई को बेरहमी से पिटाई करने वाले पुलिस वालों पर कार्रवाई से पहले नहीं जाएंगे। इस्तीफे के बाद जय भीम-जय भीम के नारे लगने लगे।

शनिवार को जंतर-मंतर ही नहीं इलाहाबाद में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। बिहार बंद के दौरान पटना समेत सभी जिलों में छात्रों ने प्रदर्शन किया। कई जिलों में छात्रों पर पुलिस ने लाठियां चलाईं। छात्रों के आंदोलन को कांग्रेस समेत सभी विरोधी दलों ने समर्थन दिया। छात्रों के समर्थन में इंडिया गठबंधन ने संसद नहीं चलने दी। पीएम हाउस के बार प्रदर्शन के दौरान नेता विरोधी दल राहुल गांधी, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को पुलिस खींचकर ले गई। त्रिमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार की रात को जंतर-मंतर पर अपने भाषण से जोश भरा था।

शनिवार को दोपहर में ही जंतर-मंतर के नजदीक राहुल गांधी ने आईसा की अध्यक्ष नेहा बाबरा समेत अन्य छात्राओं के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर एकजुटता का संदेश दिया था। दोपहर में ही जंतर-मंतर के पास पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो आफरा-तफरी मच गई। इसी बीच मीडिया में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का पत्र आ गया। इस्तीफे के बाद कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेरा ने कहा कि प्रधान अब आरएसएस के साथ चिंतन मनन करें। उन्होंने कहा कि यह एंड की शुरूआत है। पूरे देश में आक्रोश है। सरकार की संवेदनशीलता से लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। इस्तीफे के बाद प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा आदि सभी प्रमुख नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

भाजपा भी छोड़ेंगे प्रधान!

इस्तीफे के पत्र के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स अकाउंट के अपने बायो से भाजपा को हटा दिया और उसमें लिखा जय जगन्नाथ। अब उड़ीसा की सेवा करेंगे। इससे यह भी अफहाव उड़ने लगी कि क्या वह भाजपा से भी इस्तीफा देंगे। हालांकि कल ही उन्होंने उड़ीसा के 20 सांसदों के साथ बैठक की थी।

भाजपा के मंत्री समर्थन में आगे आए

मोदी सरकार के कई मंत्री पूर्व शिक्षा मंत्री के समर्थन में आ गए। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजुजु ने उनके कार्यकाल की सराहना की।

 

शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व हैः राहुल

राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे एजुकेशन सिस्टम को फिर से संवारने की दिशा में बड़ा कदम है। शाबाश देशभर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है। सड़कों पर आकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य  की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि अभी दो मांगें बाकी हैं। प्रधाननंत्री छात्रों औरक भविष्य को सम्मान देते हुए माफी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो। यह समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है, अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में असली साहस है। इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।

सोनम वांगचुक बोले, लोकतंत्र की जीत

जंतर-मंतर पर 20 दिनों तक भूख हड़ताल करने के बाद 6 दिन अस्पताल में भूख हड़ताल पर रहे सोनम वांगचुक ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। आज ही उन्होंने अस्पताल का वीडियो जारी कर पुलिस की हरकत दिखाई थी। बाद में मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनका अनशन तुड़वाया था। हालांकि इसकी आलोचना भी हुई क्योंकि उनकी मांग में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर गौर करने की बात थी।

पिस्टल निकालने वाले दरोगा पर अखिलेश का तंज

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रयागराज में सपा के प्रदर्शन के दौरान दरोगा के पिस्टल निकालने पर भी तंज किया है। उन्होंने लिखा कि पिस्तौल निकालने वाले ये भूल गए कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।उन्होंने कहा कि यह युवाओं की जीत है। सरकार को झुकना था। भविष्य में सरकारें वह बनें जो शिक्षा और परीक्षा और युवाओं का भविष्य सुधारे।

रक्षा मंत्री जी, मोदी सरकार में भी इस्तीफे होते हैं

एक प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकार के सवाल पूछने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि मंत्रियों के त्यागपत्र नहीं होते हैं भैया, वह यूपीए गर्वमेंट नहीं है, एनडीए गर्वमेंट है। उनका यह बयान भी सोशल मीडिया पर वायर हो रहा है। लोक पूछ रहे हैं मोदी सरकार में भी इस्तीफे होते हैं। लोग तो यहां भी कह रहे हैं कि लोकसभा में आपरेशन सिंदूर के बारे में सैनिकों की शहादत छिपाने के लिए विपक्षी दल इसे शहादत का अपमान बताकर उनके भी त्यागपत्र मांग सकता है।

गोदी मीडिया को लगा सदमा

 गोदी मीडिया के अर्नव गोस्वामी, गुल्लू, अमन, रूबिका, अंजना, श्वेता आदि एंकर्स के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा हर से कम नहीं है। अब इनके पास भी सुधरने का वक्त कम बचा है। जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। अब पैरेल में सोशल मीडिया ने एक बड़ी लकीर खींच दी है। इस लकीर से गोदी चैंनलों की लकीर बहुत छोटी हो गई है। यह सब भी छात्रों को तहशदगर्द बताने में लगे थे। लेकिन इस बार इन सबका एजेंंडा धराशायी हो गया।

ASIF HUSAIN

ASIF HUSAIN EDITOR मैंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से हिंदी साहित्य में परास्नातक (मास्टर) करने के बाद ट्रांसलेशन में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। 1997-98 में राष्ट्रीय सहारा में ट्रेनिंग की। इसके बाद 1998 में अमर उजाला कानपुर में ज्वाइन किया। अमर उजाला में कानपुर में रिपोर्टिंग की। गाजीपुर, चंदौली, भदोही, इटावा में ब्यूरोचीफ के पद पर रहा। इसके अलावा मुरादाबाद में संभल डेस्क प्रभारी रहा। झांसी में देहात डेस्क प्रभारी रहा। साथ में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग की। 2023-24 में अमर उजाला में सीनियर सब एडिटर पद से स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया। इसके बाद अपना यूट्यूब चैनल ‘ब्रिलियंट टाइम’ नाम से बनाया। वीकली अखबार भी इसी नाम से निकाला। ‘द्वाबा सम्राट हिंदी दैनिक’ में देश और विदेश पर लेख लिखे। वर्तमान में हिंदुस्तान संदेश से बतौर एडिटर जुड़ा हूं।

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