Up ghazipur News:RSS के स्वयंसेवकों ने अपने शौर्य और संघर्ष दिपो से मनमोहन रंगोली बना किया प्रदर्शित



गंगा तट पर दीपोत्सव के साथ संघ की शताब्दी झांकी
Report by Chandra Mohan tiwari
Ghazipur news छोटी दीपावली, नरक चतुर्दशी के दिन लोगों के अकाल मृत्यु से बचाने एवं दीर्घायु की कामना के साथ यम देवता की पूजा स्वरूप व नरक चतुर्दशी के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने आज ही के दिन नरकासुर का वध करके पूरे समाज को नरकासुर के भय आतंक से मुक्त किया। समाज को आसुरी शक्ति से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी समारोह का आगाज करते हुए नगर के कलेक्टर घाट पर नगर क्षेत्र से आये भगनि, भ्राता एवं स्वयंसेवक बंधुओ ने हजारो दीपों के साथ गंगा घाट पर सामुदायिक कर्मयोग के साथ भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शौर्य व संघर्ष का दीपो के विभिन्न तरह के मनमोहक रंगोली बनाकर प्रदर्शित किया। जिसमे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष के संघर्ष की झांकी, अखण्ड भारत, शताब्दी वर्ष के पंच प्रण कुटुंब प्रबोधन, समरसता, पर्यावरण, स्वदेशी व नागरिक कर्तव्य के संदेश को रंगोली दीपोत्सव के माध्यम से चित्रण किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेल्फी केन्द्र पर युवाओ ने अपने अपने फोटो को सोशल मीडिया पर भेजते रहे। इस कार्यक्रम पर जिला प्रचारक प्रभात ने बताया कि संघ के स्वयंसेवकों ने मिलकर तरह-तरह की कलाकृतियों को आकार देकर रंगोली बनाकर उन्हें सजाया, सुबह से ही गंगा घाट की सफाई कर गंगा आरती के कार्यक्रम को लेकर लोगों को दिन भर आमंत्रित करते रहे और दिया जलाने की व्यवस्था को लेकर सुबह से ही अपने प्रयास लगे रहे और उसे सार्थक किया और इस आयोजन को भव्य बनाने में अपना सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर स्वयंसेवक नगर संचालक दीनदयाल ने बताया की लगभग सैकडो माताओ बहनो भाईयो के सहयोग से यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें रंगोली बनाना दीप लगाना तेल डालकर बत्ती जलाना एवं मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया। इसी क्रम मे जिला संघचालक ने बताया कि इस वर्ष हम संघ स्थापना के शताब्दी वर्ष मना रहे हैं इसकी स्थापना विजयदशमी 1925 में के दिन की गयी थी आज 2025 है इस उपलक्ष्य में हमारे समाज के माध्यम से दीपोत्सव कार्यक्रम मनाया गया, लोगों में जागरूकता का संदेश दे रहा है। इस अवसर पर नगर प्रचारक विक्रम, अंजनी, अभिषेक, संतोष, सुधीर, दुर्गेश, नितिन, विशाल, विनोद, डा.धमेन्द्र, संजय आदि उपस्थित रहे।




