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उत्तराखंड राज्यराजनीति

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने खुलकर प्रशंसा की यूपी के सीएम की

कहा योगी आदित्यनाथ साधना से तपे संन्यासी, उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा

यमकेश्वर/पौड़ी गढ़वाल। पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुले मन से सराहना करते हुए उन्हें सनातन संस्कृति का रक्षक, सुशासन का प्रतीक और प्रेरणास्रोत बताया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि योगी आदित्यनाथ का सान्निध्य प्रदेश को बार-बार प्राप्त हो रहा है। वह इसी क्षेत्र की मिट्टी से निकले हैं और उनका इस पूरे अंचल से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। यही कारण है कि वह उत्तराखंड को कभी भूलते नहीं और समय-समय पर यहां के शिक्षा संस्थानों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूती देने के लिए सहयोग करते रहे हैं। धामी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि साधना से तपे संन्यासी हैं। उनके जीवन में अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। समाज में योगी आदित्यनाथ के प्रति जो सम्मान है, वह उनके व्यक्तित्व, आचरण और कार्यशैली का परिणाम है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिस प्रकार सुशासन स्थापित हुआ है, वह आज पूरे देश के लिए एक मॉडल बन चुका है। कभी गुंडाराज व माफिया संस्कृति के लिए बदनाम रहा उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, कानून व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है।

गांव की मिट्टी से निकलकर शिखर तक पहुंचने की प्रेरक यात्रा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि योगी आदित्यनाथ ने इसी क्षेत्र में सामान्य परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण की। गांव की मिट्टी में पले-बढ़े योगी जी ने अपने अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प से असाधारण ऊंचाइयों को छुआ। आज वह देश में सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहे हैं। वह राज्य जिसे कभी बीमारू राज्य के रूप में देखा जाता था, लेकिन योगी जी ने अपनी नीतियों और विजन से उसे आज देश में अग्रिम राज्यों की पंक्ति में पहुंचा दिया है। योगी आदित्यनाथ का जीवन विद्यार्थियों के लिए जीवंत उदाहरण है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, यदि राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण का भाव हो, तो हर चुनौती अवसर में बदल जाती है।

उत्तराखंड से योगी का भावनात्मक रिश्ता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ जहां भी रहे, उन्होंने अपनी जन्मभूमि और देवभूमि उत्तराखंड से नाता कभी नहीं तोड़ा। भारतीय परंपरा में कहा गया है कि “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” और योगी जी इस भाव को अपने जीवन में आत्मसात करते हैं। पिछले वर्षों में योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में कई विद्यालयों का लोकार्पण हुआ, जहां आधुनिक शिक्षा सुविधाएं, कंप्यूटर लैब और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए गए। योगी आदित्यनाथ का जीवन यह सिखाता है कि सादा जीवन, उच्च विचार और कठोर परिश्रम से कोई भी व्यक्ति राष्ट्र सेवा के सर्वोच्च शिखर तक पहुंच सकता है।

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