
शीबू खान
कौशांबी। मदरसा इस्लामिया शहज़ादपुर में मौलाना दिलशाद साहब की सदारत में जश्ने दस्तारबंदी का भव्य और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नवासाए हुज़ूर असहाबे मिल्लत हज़रत मौलाना आमिर मियां सफ़वी मिस्बाही की शिरकत रही, जिन्होंने अपने प्रभावशाली खिताब से मौजूद लोगों को दीन की तालीम और कुरआन की अहमियत से रूबरू कराया।
महफ़िल का आग़ाज़ कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुआ, जिसके बाद नात व मनक़बत पेश की गईं। इसके उपरांत तीन बच्चों के हाफ़िज़-ए-कुरआन बनने की खुशी में दस्तारबंदी की रस्म अदा की गई। हज़रत मौलाना आमिर मियां सफ़वी मिस्बाही ने अपने मुबारक हाथों से तीनों हाफ़िज़ों के सिर पर दस्तार बांधकर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में सलाम पेश किया गया और हज़रत आमिर मियां साहब ने तमाम लोगों के लिए दुआ-ए-ख़ैर फरमाई। जश्ने दस्तारबंदी का यह आयोजन न सिर्फ बच्चों के लिए सम्मान का क्षण रहा, बल्कि समाज में दीन और कुरआन की तालीम के प्रति जागरूकता का संदेश भी देता नजर आया। इस मौके पर हाफ़िज़ बिलाल, मौलवी शहबाज़, हाफ़िज़ क़िस्मत अली सहित आसपास के तमाम उलमा व इमाम मौजूद रहे।




