Slide 1
Slide 1
लाइफस्टाइल

शादी की अनोखी है परंपरा यूपी के इस गांव का,शादी के बाद ससुराल में रहता दामाद

कानपुर देहात। जिले के अकबरपुर का दमादनपुरवा गांव अपने आप में अनोखा है। दमादनपुरवा गांव अपनी अनोखी घर जमाई परंपरा के लिए जाना जाता है।शादी के बाद दूल्हा घर जमाई बनता है।यह परंपरा 1970 से चली आ रही है।हालांकि समय के बाद अब इस चलन में परिवर्तन हुआ है। दामादों के बसने के कारण ही इस गांव का नाम दमादनपुरवा पड़ा।सरियापुर ग्राम पंचायत के मजरा दमादनपुरवा की आबादी लगभग 350 होगी, 1970 में राजरानी का विवाह यहां सांवरे कठेरिया से हुआ तो राजरानी के माता पिता की शर्त थी कि दामाद यहीं पर रह जाए और पूरी संपत्ति संभाले। इसके बाद यह चलन बाकी परिवारों में भी हो गया, जो घर जमाई बना उसने यहीं गृहस्थी बसा ली और आसपास खाली जमीनों पर भी निर्माण कर रोजी रोटी का जुगाड़ करने लगे। यहां प्राथमिक विद्यालय है वह भी दमादनपुरवा प्राथमिक विद्यालय के नाम से है। अब कुछ चलन बदल रहा है,लेकिन अभी भी यहां पर दामाद आकर बसते हैं।वहीं कुछ काम की तलाश में बाहर जिले और प्रदेश का रुख कर गए हैं।
ग्रामीण बताते हैं पहले खेती किसानी से काम चल जाता था लेकिन समय के साथ अब पैसे की अधिक आवश्यकता जरूरत पूरा करने को होती है,इसके चलते कुछ लोग बाहर काम की तलाश में चले गए हैं।
रामदयाल,सुरेश और जसवंत ने बताया कि कई साल तक यह चलन रहा फिर समय बदला तो लोगों ने यहां घरजमाई बनने से इन्कार भी किया और अपने घरों पर रहे। उन्होंने बताया कि दामादों के बसने के कारण ही इसका नाम दमादनपुरवा पड़ गया जो कि प्राथमिक विद्यालय और सरकारी दस्तावेजों में भी दर्ज है।वहीं आज के युवा अब इस गांव का नाम बदलने की इच्छा रखते हैं कि नाम बदल जाए तो उनको ठीक लगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button