
खासतौर पर 40 वर्ष के लोगो को रेगुलर करानी चाहिए चेकअप: डॉ गुलाम ख्वाजा
खाने-पीने में बरतें एहतियात, तेल मसाला जैसी चिकनी चीज़े और नशा वगैरह से रहें दूर
आफताब अंसारी
भदोही। हार्ट अटैक व फालिज जैसी गम्भीर बीमारी जिंदगी की दिनचर्या को संतुलित न करने व खाने-पीने में सावधानी न बरतने पर ज्यादातर लोगों को झेलनी पड़ती है। इस सम्बंध में नगर के रामरायपुर स्थित स्टार हॉस्पिटल एंड हार्ट केयर सेंटर के प्रबंधक हार्ट स्पेशलिस्ट वरिष्ठ चिकित्सक डॉ गुलाम ख्वाजा ने कहा सर्दियों के मौसम में सावधानी न बरतने पर हार्ट अटैक व फालिज का खतरा अधिक होता है। कहा ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए खून की ज्यादा जरूरत पड़ती है। सर्दियों में शरीर के अंदर हार्ट वगैरह में खून की कमी हो जाती है जिससे हार्ट अटैक व फालिज का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए हमें गर्म पानी का इस्तेमाल करना चाहिए और खाने पीने में सावधानी रखनी चाहिए। और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए टेंशन मुक्त होना चाहिए। श्री ख्वाजा ने कहा पेशेंट खासतौर पर 40 वर्ष के लोगो को चाहिए कि वे रेगुलर अपना चेकअप कराते रहें। उनको ब्लडप्रेशर व शुगर की जांच करवानी चाहिए जांचोपरांत डॉक्टर से परामर्श लेते रहें, जिससे पेशेंट को अगली डाइग्नोजिस्ट की बीमारी का पता चल सके और सही इलाज हो सके। डॉ गुलाम ख्वाजा ने कहा ऐसे मरीजों को चाहिए कि वे खाने-पीने में परहेज करें, जैसे तेल, मसाला और जितनी चिकनी चीजें हैं उनसे बचें वहीं ड्रिंक, स्मोकिंग का इस्तेमाल तो बिल्कुल न करें।
बराबर व्यायाम करें और टेंशन मुक्त जिंदगी जीना चाहिए। श्री ख्वाजा ने कहा ज्यादातर जब लोगो को सीने में दर्द होता है तो कहते है कि गैस प्रॉब्लम है और उसको गैस समझकर इलाज कराते हैं जबकि वह बीमारी हार्ट की होती है। अगर गैस समझकर इलाज कराएंगे तो कभी भी घटना घट सकती है ऐसे में पेशेंट की मृत्यु भी हो सकती है इसलिए गैस न समझें। उन्होंने कहा जब सीने में दर्द हो या दोनों बांह में, पीठ में, गर्दन में दर्द हो तो ऐसी दशा में तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराएं। कहा प्रारंभिक जांच में मर्ज पता चल जाता है कि हार्ट की बीमारी है तो डॉक्टर उसका समुचित इलाज करता है। डॉ गुलाम ख्वाजा ने हार्ट अटैक के लक्षण के बारे में बताया कि शुरू-शुरू में चलने-फिरने में दर्द होता है, पहले क्षणिक दर्द होता है फिर धीरे-धीरे समय बढ़ता है 5 मिनट, 10 मिनट, 15 मिनट दर्द होता है उस समय भी जांच कराएं जिससे डॉक्टर को पता चल सके की इंजाइमा की बीमारी है उसको अर्ली रोक-थाम कहते हैं तो बीमारी को दवा से रोक-थाम किया जा सकता है। श्री ख्वाजा ने कहा अगर आपको सीने, दोनों बांह पीठ में दर्द होता है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं जिससे बीमारी से बचाया जा सके। उन्होंने कहा तुरंत हार्ट अटैक समय नही देता ऐसे समय मे जितना जल्दी हो सके पेशेंट को डॉक्टर के पास ले जाएं जितना जल्दी जाएंगे उतना आप सुरक्षित रहेंगे।




