भदोही : अनियमित तरीके से भुगतान करने पर घसकरी प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को जिला मजिस्ट्रेट ने किया सीज

ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन हेतु तीन सदस्यीय समिति गठन का डीएम ने दिया दिया निर्देश
आफताब अंसारी
भदोही। अनियमित तरीके से रू० 9,49,703 भुगतान करने के दोषी पाए जाने पर ग्राम पंचायत घसकरी विकास खण्ड भदोही के प्रधान मनीष कुमार यादव के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को जिला मजिस्ट्रेट शैलेष कुमार द्वारा सीज कर दिया गया है। ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन हेतु तीन सदस्यीय समिति गठन हेतु बहुमत के आधार पर निर्देश दिया।
शिकायतकर्ता के शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच जिला पंचायतराज अधिकारी भदोही द्वारा किया गया। उनके द्वारा 04 सितम्बर 2025 के द्वारा जाँच आख्या उपलब्ध कराया गया, जिनकी जाँच आख्या के अनुसार मनीष कुमार यादव प्रधान, ग्राम पंचायत घसकरी विकास खण्ड भदोही को 27 सितम्बर, 2025 को कारण बताओ नोटिस निर्गत करते हुए साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जाँच अधिकारी की जाँच आख्या के अनुसार ग्राम प्रधान के ऊपर लगायें गये 06 आरोप एवं उनके द्वारा स्पष्टीकरण व परीक्षण आख्या प्रस्तुत की गई। उपरोक्त परीक्षण में वित्त आयोग की धनराशि रू0 512228.75 व मनरेगा योजनान्तर्गत धनराशि रू0 437474.80 का कुल धनराशि रू0 949703.55 अनाधिकृत तरीके से भुगतान व दुरूपयोग किया जाना प्रमाणित होता है, जो उ०प्र० पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1) (छ) में निहित प्रावधानों के तहत ग्राम प्रधान मनीष कुमार यादव ग्राम पंचायत घसकरी विकास खण्ड भदोही के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज किये जाने का पर्याप्त आधार है। जिला मजिस्ट्रेट शैलेष कुमार उ०प्र० सरकार पंचायतीराज अनुभाग-1 के अधिसूचना संख्या- 1684/33-1-1957-123/97 दिनांक 30 अप्रैल, 1997 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उ०प्र० पंचायत राज अधिनियम एवं नियमावली 1947 की धारा- 95(1) (छ) में दिये गये प्रावधानों एवं प्रतिबन्धों के अनुसार मनीष कुमार यादव ग्राम प्रधान घसकरी विकास खण्ड भदोही जो प्रधान पद के पदीय दायित्वों के निर्वहन में चूक करते हुए अनियमित तरीके से रू० 949703.55 भुगतान करने के दोषी पाए गए है, के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया गया है। ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन हेतु तीन सदस्यीय समिति गठन हेतु बहुमत के आधार पर तीन ग्राम पंचायत सदस्य का प्रस्ताव उप जिलाधिकारी भदोही द्वारा एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध कराया जायेगा। सम्बन्धित ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध कार्यवाही जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा की जायेगी तथा अनियमित व अनाधिकृत तरीके से भुगतान की गयी धनराशि की वसूली उ०प्र० पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 27 के अन्तर्गत करने से पूर्व शासनादेश दिनांक-14 दिसम्बर, 2024 के क्रम में प्रकरण की अन्तिम जाँच मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा विभाग उ०प्र० लखनऊ द्वारा एक पक्ष के अन्दर जांच कर आख्या उपलब्ध करायी जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी होगा।




