
राहुल गांधी का काम पार्टी के हर मुद्दे का विरोध करना है – डॉ. बिनोद बिंद
राजेंद्र प्रकाश
चंदौली। इस सवाल के जवाब में कि विपक्ष मनरेगा का नाम बदलकर गांधीजी का अपमान कर रहा है, भदोही से बीजेपी सांसद डॉ. बिनोद बिंद ने कहा कि
केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की जगह “विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी” बिल लाई है। इस बिल से ग्रामीण इलाकों के लोगों का जीवन बेहतर होगा। उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। महात्मा गांधी भी गांवों की भलाई चाहते थे। तो नए बिल से उनका अपमान कैसे होगा? उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है लेकिन हर मुद्दे पर विरोध नहीं करना चाहिए। अगर विरोध करना है तो सकारात्मक तरीके से करें। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय की सोच एक ही थी कि समाज के निचले तबके के लोगों को खुशी, समृद्धि, रोजगार और सम्मान मिले।
इसी उद्देश्य को पूरा करते हुए हमारे देश के प्रधानमंत्री ने मनरेगा को सिर्फ़ अपडेट किया है। मनरेगा में 100 दिन का काम मिलता था, इसमें आपको 125 दिन का काम मिलेगा। इसमें युवा, मजदूर, ग्रामीण सभी को रोजगार मिलेगा। ये तीनों मिलकर कौशल को संकल्प के रूप में जमीन पर उतारने का काम करेंगे, जिससे हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी का 2047 तक हमारे देश को विकसित बनाने का सपना साकार होगा।पर्यावरण के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ जिम्मेदारियां नागरिकों पर भी हैं। जिस दिन युवा अपनी सोच बदलेंगे, कई समस्याएं हल हो जाएंगी। हम बड़ी-बड़ी बातें करके सफलता हासिल नहीं कर सकते। जिस दिन युवा एक किलोमीटर की यात्रा के लिए पैदल चलना या साइकिल का इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे, आधी समस्या हल हो जाएगी।
कहा कि युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ देश और पर्यावरण के लिए खड़ा होना होगा। क्योंकि जब से प्रधानमंत्री मोदी जी हमारे देश के प्रधानमंत्री बने हैं, उन्होंने लगातार मां के नाम पर एक पेड़ लगाने का आह्वान किया है। पूरे देश में 140 करोड़ से ज़्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं। इसी सोच के साथ, जब हमारा पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तभी हमारा देश बचेगा और हम आने वाली पीढ़ियों को कुछ दे पाएंगे। जब संसद का सेशन चल रहा था और राहुल गांधी विदेश में थे, तो उन्होंने कहा था कि जब सदन चल रहा हो तो संसद नहीं छोड़नी चाहिए। देखा जाए तो राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, लेकिन वह अपनी पार्टी के मुद्दों को नहीं सुनते, उनका एकमात्र काम आरोप लगाना है, जिसका जवाब बिहार की जनता पहले ही दे चुकी है।




