
प्रमोद सिन्हा
गाजीपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा चलाये जा रहे महिलाओं को जागरूक एवं स्वालम्बी बनाने के उद्देश्य से जनपद के जिलाधिकारी अविनाश के निर्देश पर स्वंय सहायता समूह की महिलाओं के जीवन की कहानी अन्य महिलाओं के लिए मिसाल है। जिन्होंने आत्मनिर्भरता की राह पर चलने का संकल्प लिया है। किरन सिंह का जन्म रेवतीपुर विकासखंड एक छोटे से गाँव उतरौली में हुआ था। जहाँ परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य से भी नीचे थी। परिवार की जिम्मेदारियों ने उच्च शिक्षा पूरी करने का अवसर नहीं दिया। उनके अंदर आत्मविश्वास और कुछ करने का जुनून हमेशा से था। स्वंय सहायता समूह से किरन सिंह ने अपने गाँव में महिलाओं के साथ मिलकर जय माँ काली स्वयं सहायता समूह की स्थापना की। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करना था। किरन सिंह ने मसाले के व्यवसाय के बारे में जानकारी ली । कई संस्थाओ से मसाले बनाने की प्रक्रिया के तहत कच्चे माल की गुणवत्ता की पहचान करना, मसाले पीसने की तकनीक, धूप में सुखाने और नमी नियंत्रित रखने के तरीके, एवं आकर्षक लेबलिंग और पैकिंग करना सिखने का अवसर प्राप्त हुआ। जिससे प्रेरित होकर किरन सिंह द्वारा मसाला उद्योग का 100000 रूपये का ऋण लेकर शुरू की। घर में ही मसाले बनाने शुरू किए। उनकी मेहनत और गुणवत्ता के चलते उनके मसाले गाँव के बाहर भी मशहूर हो गए। उनका मसाला का व्यापार उद्योग धीरे-धीरे बढ़ता गया। आज उनका व्यापार लाखों में पहुंच गया है। किरन सिंह ने अपने समूह की अन्य महिलाओं को भी इस काम में शामिल किया। उनके समूह की सभी महिलाएं मिलकर मसाले तैयार करती हैं। उनके द्वारा बनाए मसाले पूरे जिले में बिकते हैं। किरन सिंह आज पूरे महिलाओ के लिए प्रेरणा स्रोत है।




