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देवरिया : उत्तर भारत में पहली बार हो रहा इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री/कैनसैट

Report by Asgar Ali

देवरिया। उत्तर भारत में पहली बार देवरिया लोकसभा के तमकुहीराज में आयोजित हो रहा इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री/कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कंप्टीशन-2025 प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के मिशन में योगदान देने जा रहा है। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था पांच गुना बढ़कर 44 बिलियन डॉलर तक पहुंचे। सांसद शशांक मणि की ‘अमृत प्रयास’ पहल राष्ट्रीय विज़न में भागीदार बनेगी। 27 से 30 अक्टूबर तक यह चार दिवसीय आयोजन देश भर के 600 युवा वैज्ञानिक एवं 120 वरिष्ठ वैज्ञानिकों को एक मंच पर ला रहा है। इस प्रतियोगिता का आयोजन इसरो, इन-स्पेस और एएसआई जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों के सहयोग से हो रहा है। जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।इस प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य देवरिया लोकसभा के साथ पूर्वांचल के जिलों में अंतरिक्ष विज्ञान में युवाओं की जागरूकता बढ़ाना तथा स्थानीय कॉलेजों में साइंस, टेक, इंजीनियरिंग, मैथ्स (STEM) शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह आयोजन युवाओं को स्पेस टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स,डाटा एनालिटिक्स, इंजीनियरिंग और डिज़ाइन जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में सीधे स्किल डेवलपमेंट का अवसर देगा। इन नवाचारों से युवाओं को रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा कृषि और पर्यावरण में अंतरिक्ष तकनीक के उपयोग के प्रति किसान जागरूक होंगे। जिससे भविष्य में उपग्रह तकनीक की मदद से किसानों को मौसम, जल प्रबंधन और फसल निगरानी में बेहतर तकनीक मिल सकेगी। इस आयोजन से अंतरिक्ष के क्षेत्र में गांवों की सहभागिता और नवाचार की भावना को बढ़ावा मिलेगा, जिससे “स्थानीय से वैश्विक” सोच को प्रोत्साहन मिलेगा।

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