गाजीपुर: जैविक खेती,स्वदेशी उत्पाद अपनाएं,भारत को विश्व गुरु बनाने का करें प्रयास: सूर्यकुमार सिंह

हिन्दी को फूलों सा व्यवहार चाहिए, हिन्दी तुमको प्यार चाहिए – गजानंद शर्मा
गाजीपुर। नगसर हाल्ट स्थित जगजीवन राम इण्टर कालेज परिसर गाजीपुर काव्य संगम और दर्पण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के संयोजन व मिशन जामवंत से हनुमान जी के राष्ट्रीय संयोजक सूर्य कुमार सिंह मुख्य अतिथि रहे।कार्यक्रम के दौरान गाजीपुर दर्पण सम्मान,स्मृति चिन्ह,अंग वस्त्र,सम्मान पत्र स्व.कवि चन्द्रदेव शर्मा निशेष के सुपुत्र गजानंद शर्मा को हिन्दी साहित्य शिरोमणि डाक्ट्रेट मानद समतुल्य विशेष मानद सम्मान काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलसचिव कार्यक्रम के प्रमुख संयोजक ने भेंट किया। इस दौरान गजानंद शर्मा ने कहा हिन्दी को फूलों सा व्यवहार चाहिए,हिन्दी तुमको प्यार चाहिए।इस भाव के साथ मेरे बड़े पिता स्व.चन्द्रमा शर्मा रसेश ने भारत वर्ष के अहिन्दी भाषी क्षेत्रों में पत्रकारिता, अनेकों हिन्दी के उत्थान के लिए अथक प्रयास किया। शिक्षा,समाज सेवा के क्षेत्र में वे ज़रूरतमन्द लोगों के लिए आर्थिक रूप से सक्षम पूंजी पतियों को प्रेरित करके गाजीपुर के नगसर में प्रत्येक वर्ष हजारों लोगों का आंख का आपरेशन,अंगवस्त्र, भोजन,चश्मा आदि बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क लगभग तीन दशक तक उपलब्ध करवाया।
गाजीपुर काव्य संगम में मुख्य अतिथि रहे सूर्यकुमार सिंह ने कहा कि हम सबको जैविक खेती,स्वदेशी उत्पाद अपनाने और विश्वगुरु भारत की गरिमा को गौरवान्वित करवाने के लिए सतत् प्रयास करने की आवश्यकता है।गाजीपुर काव्य संगम में प्रमुख रूप से कवि अमरनाथ तिवारी अमर,कामेश्वर द्विवेदी,औषधि पण्डित रंग बहादुर सिंह,दिनेशचन्द्र शर्मा,डा.विजय नारायण तिवारी, सत्यवान फौजी,डॉ .वेदप्रकाश श्रीवास्तव,कुमार प्रवीण, योगेश कुमार पाण्डेय,मनोज यादव बेफिक्र गाजीपुरी, दामोदर दबंग, इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक सहित अनेकों रचनाकारों ने श्रोताओं को अपनी रचनाओं भाव-विभोर कर दिया।गाजीपुर दर्पण सम्मान राजेश्वर तिवारी,फणिनदर राय, गायक शिवांश तिवारी हर्ष, रघुनाथ प्रसाद जायसवाल,त्रिलोकीनाथ जायसवाल, प्रकाश कुमार राय, कालिका तिवारी,राम मनोज तिवारी,अजीत सिंह सहित अनेकों लोगों को भेंट किया गया।आगंतुक जनों का स्वागत पशुपतिनाथ पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय धन्नू बाबा एवं कुंजबिहारी राय धन्यवाद आभार डॉ. विजय नारायण तिवारी, राजेश्वर तिवारी, रामगोपाल तिवारी लड्डू ने संयुक्त रूप से किया।




