गाजीपुर : जान जोखिम में डाल नाव के सहारे हो रही यात्रा, जिम्मेदार बेपरवाह

पीपा पुल अधूरा नाव के भरोसे लोग
त्रिलोकी नाथ राय
गाजीपुर। मुहम्मदाबाद क्षेत्र के बच्छलपुर–रामपुर गंगा तट पर बनने वाला पीपा पुल अब लोगों की परेशानी का कारण बन गया है। तय समय सीमा बीतने के दो माह बाद भी पुल चालू न होने से स्थानीय लोगों को जान जोखिम में डालकर नाव से गंगा पार करनी पड़ रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। शासन के निर्देशों के अनुसार हर साल 15 अक्टूबर तक पीपा पुल को आवागमन के लिए खोल दिया जाना चाहिए, जबकि 15 जून से बरसात के कारण इसे हटा दिया जाता है। इस वर्ष लोक निर्माण विभाग ने समय पर पुल तो हटा दिया, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि पुल निर्माण में लगे मजदूरों को अन्य स्थानों पर भेज दिए जाने से काम ठप पड़ गया है।
पीपा पुल चालू न होने के कारण गंगा पार रामपुर, नरायनपुर, रेवतीपुर होते हुए जमानिया, दिलदारनगर, भदौरा और बिहार जाने वाले लोगों को मजबूरी में गाजीपुर घाट स्थित हमीद सेतु का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे करीब 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय के साथ-साथ ईंधन का भी भारी नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें रोजाना जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पीपा पुल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर इसे चालू किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी अनहोनी से बचा जा सके।




