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उत्तर प्रदेशवाराणसी

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जानलेवा कफ सिरप का अवैध कारोबार पर सांसद की चुप्पी क्यों ?:अजय राय

वाराणसी (सुशील कुमार मिश्रा)।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश पूर्व मंत्री अजय राय आज बुधवार को पत्रकार वार्ता के माध्यम से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जानलेवा और नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार पर मोदी–योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा हमला बोले। कहा कि इस प्रकरण पर प्रधानमंत्री की चुप्पी क्यों ? बड़ा सवाल यह है की पुलिस कमिश्नरेट जैसी कड़ी व्यवस्था के बीच, जहरीली कफ सिरप का नेटवर्क जिस तरह फल-फूल रहा है, यह केवल कानून-व्यवस्था की नाकामी नहीं यह डबल इंजन की सरकार की सीधी असफलता और सत्ता संरक्षण का गंदा चेहरा है।NHRC ने 2 महीने पहले नोटिस भेजा—पर UP सरकार रिपोर्ट देने में नाकाम रही दो माह पहले ही कफ सिरप से हुई मौतों के मामले में NHRC ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों को नोटिस जारी किया था। स्वास्थ्य मंत्रालय से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी थी। NHRC ने सैंपल रिपोर्ट भी तुरंत उपलब्ध कराने को कहा था। लेकिन डबल इंजन की सरकार ने आज तक कोई रिपोर्ट NHRC को नहीं दी।यह दर्शाता है कि सरकार न केवल नाकाम है। इस पूरे कारोबार को ढाल दे रही है सत्ता संरक्षण का खेल देखिए की 15 नवम्बर को दर्ज एफआईआर में आरोपी शुभम जायसवाल का पूरा नाम, पिता का नाम और पता मौजूद है।लेकिन 19 नवम्बर को दर्ज एफआईआर में उसी आरोपी शुभम जायसवाल के पिता का नाम और घर का पता गायब कर दिया जाता है। यह साफ़ संकेत है कि इस अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।

सत्ता मशीनरी आरोपियों को बचाने में लगी है इस जहरीली कफ सिरप ने कई राज्यों में मासूम बच्चों की जान ली है। यह केवल वाराणसी की समस्या नहीं यह राष्ट्रीय स्तर का स्वास्थ्य संकट है। बच्चों की मौतों के बाद भी सरकार की कार्रवाई शून्य है। इतना बड़ा अपराध प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में हो रहा है और प्रधानमंत्री जी की चुप्पी इस बात को जगजाहिर करती है कि डबल इंजन की सरकार का संरक्षण प्राप्त है।इस प्रकरण का असली मास्टरमाइंड ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी अधिकारी नरेश मोहन है जो भ्रष्टाचार का मुख्य जड़ है।हम माँग करते है की इस ड्रग अधिकारी को बर्खास्त कर कार्यवाही की जाए ।काशी की पवित्र भूमि पर जहरीली सिरप का अंधेरा फैलाया जा रहा है।मुख्यमंत्री हर हफ्ते यहाँ आते हैं, फिर भी अपराधियों का साम्राज्य बढ़ रहा है यह केवल एक ही बात साबित करता है कि यह पूरा नेटवर्क सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहा है।यही कारण है कि न मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, न संपत्ति कुर्क हुई, न गहरी जांच हुई, न नेटवर्क तोड़ा गया।सरकार सिर्फ़ मीडिया में सुर्खियाँ बटोर रही है।


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